गिरफ्तारी / अंक घाेटाला : टैबुलेशन रजिस्टर में हेरफेर कर फेल काे पास करने के मामले में बिहार विश्वविद्यालय का अवैध क्लर्क रंजीत गिरफ्तार

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दैनिक भास्कर

May 29, 2020, 05:00 AM IST

मुजफ्फरपुर. बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के चर्चित अंक घाेटाला कांड में विवि थाने की पुलिस ने अवैध क्लर्क रंजीत कुमार काे उसके शिवपुरी आवास से गुरुवार काे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। विवि थानेदार रामनाथ प्रसाद ने बताया कि समस्तीपुर जिले के सिंघिया थाने के वासुदेवा निवासी रंजीत के पिता फिजिक्स के प्राध्यापक थे। आराेप है कि रंजीत रुपए लेकर फेल छात्र काे भी पास कर देता था। इसके लिए टैबुलेटर काे भी माेटी राशि दी जाती थी।

अंक हेराफेरी में परीक्षा से अनुपस्थित रहे छात्राें काे भी पास कर दिया जाता था। शिकायत मिलने पर बिहार विवि की की जांच कमेटी की रिपाेर्ट के अाधार पर तत्कालीन रजिस्ट्रार कर्नल अजय कुमार ने विश्वविद्यालय थाने में 16 दिसंबर 2018 काे एफअाईअार दर्ज कराई थी।

इस मामले में 6 नामजद आरोपित हैं जमानत पर और एक को मिल चुकी है क्लीन चिट

इस मामले में विवि की ओर से अरुण कुमार (सहायक प्राध्यापक मनोविज्ञान, उगम पांडे महाविद्यालय, मोतिहारी), डॉ. धर्मेंद्र चौधरी (असिस्टेंट प्रोफेसर अर्थशास्त्र, निरसु नारायण कॉलेज, सिंघारा, हाजीपुर), डॉ. संत ज्ञानेश्वर प्रसाद सिंह (सहायक प्राध्यापक, श्याम नंदन सहाय महाविद्यालय, मुजफ्फरपुर), राज किशोर ठाकुर (सहायक, प्राध्यापक, अक्षयवट महाविद्यालय, महुआ, हाजीपुर), विश्वविद्यालय के कर्मचारी रणबीर रंजन (एसोसिएट प्रोफेसर, लक्ष्मी नारायण महाविद्यालय, भगवानपुर, हाजीपुर), रंजन कुमार (तत्कालीन टीडीसी पार्ट- II के सहायक) और कथित दैनिक वेतनभाेगी कर्मी अमित पांडे काे नामजद आराेपित बनाया गया था। जांच में डाॅ. धर्मेंद्र चाैधरी काे क्लीन चिट मिल चुकी है। 6 नामजद आराेपी जमानत पर हैं। मंजीत कुमार, धर्मेंद्र भूषण और मनीष कुमार काे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इस कांड में पुलिस नौ अाराेपितों पर चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।

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