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दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आई हकीकत:एंटीजन, आरटीपीसीआर; डी-डाइमर टेस्ट के नाम पर भी जांच केंद्रों में मची है लूट

मुजफ्फरपुरएक महीने पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो
  • डी-डाइमर बढ़ने से ब्लड क्लाॅट करने का खतरा, इसलिए संक्रमण के दूसरे-तीसरे सप्ताह में यह जांच जरूरी

जिले में हाेम आइसाेलेशन में रहकर इलाज करा रहे काेराेना मरीजाें से पैथाेलाॅजिकल जांच के नाम पर भी लूट मची है। पैथाेलाॅजिकल जांच केन्द्र मरीजाें से मनमानी राशि की वसूली कर रहे हैं। खासकर, डी-डाइमर नामक ब्लड टेस्ट कराने के लिए इन दिनाें मरीजाें से दाे से ढाई हजार रुपए तक लिए जा रहे हैं। जबकि, काेराेना की लहर से पहले मार्च 2020 तक डी-डाइमर टेस्ट के लिए महज एक हजार रुपए निर्धारित था। इसके साथ-साथ निजी जांच केंद्र वाले रैपिड एंटीजन टेस्ट तथा आरटीपीसीआर टेस्ट के नाम पर भी कोरोना मरीजों से तीन गुना अधिक राशि वसूल रहे हैं। एंटीजन टेस्ट के नाम पर इन दिनाें 250 रुपए के एवज में 800 से एक हजार रुपए तक तथा आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए 1100 रुपए के बदले डेढ़ से दाे हजार रुपए तक लिए जा रहे हैं। ये पैथोलॉजी केंद्र इस आपदा की घड़ी में भी मनमानी कर रहे हैं, लेकिन इन पर अंकुश लगाने के लिए फिलहाल काेई प्रशासनिक व्यवस्था नहीं है।

दरअसल, काेराेना का लक्षण मिलने वाले अधिकतर मरीज अपने पारिवारिक या निजी चिकित्सक की सलाह पर हाेम आइसाेलेशन में अपना इलाज करा रहे हैं। राज्य सरकार भी अधिक से अधिक मरीजाें काे हाेम आइसाेलेशन में रहने की सलाह दे रही है। पर, इसके लिए समय-समय पर सीआरपी, एलडीएच, सीवीसी, सेरम फेरेटिन समेत अन्य पैथाेलाॅजिकल जांच कराना अनिवार्य है। लक्षण मिलते ही सबसे पहले मरीज काेराेना जांच के लिए रैपिड एंटीजन या आरटीपीसीआर टेस्ट कराया जाता है। इसके लिए सरकार की ओर से दर निर्धारित है। हाेम कलेक्शन की स्थिति में संभव है कि जांच केन्द्र वाले निर्धारित दर से 50 से 100 रुपए अधिक ले सकते हैं। पर, हकीकत कुछ और ही है।

वीटीएम की कमी से आरटीपीसीआर टेस्ट में परेशानी

दैनिक भास्कर ने जब विभिन्न जांच केन्द्राें पर जाकर इसकी पड़ताल की ताे हकीकत खुलकर सामने आई। शहर के अधिकतर जांच केन्द्र वाले एंटीजन टेस्ट के नाम पर अभी 800 से 1500 रुपए तक की मांग कर रहे हैं। जूरन छपरा स्थित एक जांच केंद्र बगैर सर्टिफिकेट के 500 रुपए में एंटीजन टेस्ट काे तैयार हुआ। सर्टिफिकेट के साथ एंटीजन टेस्ट के लिए 1 हजार रुपए मांगे गए। माेलजाेल करने पर 800 रुपए में जांच काे तैयार हुआ। जब, उसे घर पर जाकर एंटीजन जांच के लिए कहा गया ताे 1500 रुपए की मांग की गई। किसी तरह 1100 रुपए में तैयार हुआ। जबकि, आरटीपीसीआर के लिए अधिकांश पैथाेलाॅजी वाले जांच काे ही तैयार नहीं हुए। उनका कहना था कि इन दिनाें वायरल ट्रांसपाेर्ट मीडिया (वीटीएम) की आपूर्ति में कमी कर दी गई है। जिस कारण एसकेएमसीएच स्थित लैब तक सैंपल भेजने में भारी परेशानी हाे रही है। कुछ जांच केन्द्र वाले जब तैयार हुए ताे आरटीपीसीआर के लिए 2000 रुपए मांगे।

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