आप भी ऐसा ही करें / बीमारी के लक्षण दिखते ही बेटे काे अस्पताल लेकर पहुंचा पिता समय पर इलाज शुरू हुआ तो हार गई चमकी, अब स्वस्थ है प्रियांश

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  • शुरुआती दाैर में इलाज से बचाई जा सकती है बच्चे की जान, लक्षण जानना जरूरी है

दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 07:35 AM IST

मुजफ्फरपुर. एईएस की जागरूकता को लेकर जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे चमकी को धमकी कार्यक्रम का असर दिख रहा है। मामला कुढ़नी प्रखंड के पछुवन गांव के सतीश कुमार सागर का है। सतीश ने बताया, 16 मई को ही गांव में डॉक्टराें की टीम ने चमकी पर चर्चा की थी।

इस दाैरान उन्हाेंने चमकी को पहचानने, प्राथमिक तौर पर निपटने के बारे में भी बताया था। डॉक्टर की बातों को उन्हाेंने सुना था। उन्हाेंने बताया, 17 मई की रात बेटे प्रियांश को रोटी-सब्जी खिलाकर सुलाया था। 18 मई को सुबह देखा कि प्रियांश के मुंह से झाग निकल रहा है, सिर दाहिनी तरफ घूम गया है और लगातार झटके आ रहे हैं। ऐसे में अचानक उन्हें डाॅक्टराें की बताई सलाह याद अा गई। फिर बच्चे काे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले कर गए, जहां भर्ती कराया गया। बाद में उसे एसकेएमसीएच ले जाया गया। जहां दो दिन के इलाज के बाद ठीक होने पर उसे डिस्चार्ज कर दिया गया।

15 दिन बाद दाेबारा चमकी के झटके  
सतीश बताते हैं, बीमार होने के कारण बच्चे का वजन भी कुछ कम हो गया था। ठीक 15 दिन बाद सुबह 7 बजे फिर से उसे झटके आने लगे। मुंह से झाग आने लगा। इस पर वह तुरंत बच्चे को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए। जहां से प्राथमिक इलाज के बाद उसे फिर एसकेएमसीएच भेजा गया। अब वह पूरी तरह स्वस्थ है।

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