मुजफ्फरपुर में 328 लोगों के घर जाएगी हेल्थ टीम:एक सप्ताह में आंखों का ऑपरेशन कराने वाले से लेगी जानकारी; अब तक 17 लोगों की आंखे निकालनी पड़ी

मुजफ्फरपुर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
टीम ये जानना चाहती है कि ऑपरेशन कराने के बाद किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं हो रही है। - Dainik Bhaskar
टीम ये जानना चाहती है कि ऑपरेशन कराने के बाद किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं हो रही है।

मुजफ्फरपुर आई हॉस्पिटल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने वाले 328 लोगों के घर-घर जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम उनसे पूछताछ करेगी। टीम ये जानना चाहती है कि कहीं उन्हें भी तो आपरेशन के बाद किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं हो रही है। अगर हो रही है तो उन्हें इलाज के SKMCH में भर्ती कराया जाएगा। इसके लिए आई हॉस्पिटल से सभी के घर का पता और मोबाइल नम्बर लिया गया है। ACMO डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि एक सप्ताह के भीतर 328 लोगों ने इस हॉस्पिटल से मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराया था। उनसे मोबाइल पर सम्पर्क किया जाएगा। अगर मोबाइल से समर्पक नहीं हुआ तो घर पर जाकर हालचाल लिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग को आशंका है कि उन्हें भी दिक्कत हो रही होगी। हालांकि, अब तक कोई भी सामने नहीं आया है। इसे परेशानी हो रही है। फिर भी एहतियातन ये निर्णय लिए गए हैं। उसी आधार पर रिपोर्ट तैयार कर टीम सिविल सर्जन को सौपेंगी।

SKMCH में स्पेशल वार्ड

इधर, SKMCH में मरीजों के लिए स्पेशल वार्ड बनाया गया है। जिसकी मॉनिटरिंग खुद SKMCH अधीक्षक डॉ. बीएस झा कर रहे हैं। 24 घंटे स्टाफ की तैनाती की गई है। हर घंटे की अपडेट ली जा रही है। मरीजों में इन्फेक्शन बढ़ रहा या एक सामान है। इसे भी देखा जा रहा है। अगर इन्फेक्शन बढ़ता है तो फौरन आंखों को निकालना पड़ सकता है। अभी स्पेशल वार्ड में 16 मरीज भर्ती हैं। उन सभी को देखरेख के लिए अभी रखा गया है।

एक दिन में 65 का ऑपेरशन

22 नवम्बर को एक दिन में आई हॉस्पिटल के डॉ. एनडी साहू ने 65 लोगों का ऑपरेशन कर दिया था। इसमें से अबतक इन्फेक्शन के कारण 17 लोगों की आंखें निकालनी पड़ी। वहीं 30 से अधिक लोगों की आंखों में इन्फेक्शन हो गया था। अब सवाल ये उठ रहा है कि आखिर एक दिन में 65 लोगों की आंखों का ऑपरेशन कैसे कर दिया गया। CS डॉ. विनय शर्मा ने इसकी भी जांच के आदेश दिए हैं। जांच के लिए गठित की गई टीम इन सभी बिंदुओं पर रिपोर्ट बनाने में जुट गई है।

लैब में फंगस होने की बात

अब तक स्वास्थ्य विभाग की प्रारम्भिक जांच में लैब में फंगस होने की बात सामने आ रही है। इसका पता लगाने के लिए विशेषज्ञ से जांच करवाई जा रही है। ताकि असल कारण पता लग सके। बता दें कि फिलहाल आई हॉस्पिटल में ऑपरेशन और जांच पर रोक लगा दी गयी है। अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मियों से पूछताछ की जा रही है।