• Hindi News
  • Local
  • Bihar
  • Muzaffarpur
  • In The Fraud Case, The Bank Has 6 Fridge Accounts, Rs 87 Lakh Is In This Account; More Than 10 Lakh Cash Recovered, Many Big Officers Will Also Be Questioned

स्क्रीन स्वैप कर ग्राहकों के खाते से उड़ाए 2.5 करोड़:फर्जीवाड़ा मामले में बैंक के 6 खाते फ्रिज, 87 लाख रुपये हैं इस खाते में; 10 लाख से अधिक कैश बरामद, कई बड़े अधिकारियों से भी होगी पूछताछ

मुजफ्फरपुर9 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
प्रतिकात्मक फोटो। - Dainik Bhaskar
प्रतिकात्मक फोटो।

बैंक के ग्राहकों से 2.5 करोड़ का फर्जीवाड़ा मामले में जिला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छह खातों को फ्रिज कर दिया है। ये सभी खाता बैंकर्मियो का है। इस खाते में कुल 87 लाख रुपये हैं। इस मामले में बैंक कैशियर नितेश कुमार के अलावा और कई कर्मियों की संलिप्तता सामने आयी है। इस गिरोह ने एक बड़े सरकारी अधिकारी के फैमिली मेंबर के खाता से करीब एक करोड़ रुपये उड़ाए हैं।

SSP जयंतकांत ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि ये गिरोह मुज़फ़्फ़रपुर ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर बिहार में फैला हुआ है। अभी छह खाते फ्रिज हुए हैं। अन्य खातों के डिटेल्स भी खंगाला जा रहा है। सभी को फ्रिज किया जाएगा। SSP ने बताया कि इस मामले में बैंक के दो बडे़ अधिकारी भी संदेह के घेरे में हैं। उन्हें सम्मन देकर आज थाना पर बुलाया गया था। लेकिन, नहीं आये। कल फिर इन्हें बुलाकर पूछताछ की जाएगी।

15 दिन पहले अधिकारियों को दी गयी थी सूचना:

फर्जीवाड़ा की भनक SSP को तब लगी जब एक बड़े सरकारी अधिकारी के फैमिली मेंबर के खाता से इस गिरोह ने एक करोड़ रुपये से अधिक उड़ा लिए। उन्होंने एक्सपर्ट से इसकी जांच शुरू करवाई। तब जाकर बैंक कैशियर की भूमिका संदिग्ध मिली। उन्होंने इस संबंध में जोनल और ब्रांच मैनेजर को अवगत कराया। बताया कि आपके बैंक से कितना बड़ा फ्रॉड किया जा रहा है। बावजूद इसके उन अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। सिर्फ पूछताछ कर केशियर को छोड़ दिया। इसका पता लगने के बाद SSP ने अपनी विशेष टीम को काम पर लगाया और केशियर समेत छह को गिरफ्तार कर लिया।

स्क्रीन स्वैप कर करते हैं फ्रॉड:

अबतक की पूछताछ में पुलिस को पता लगा कि किस तरह से ये गिरोह फ्रॉड करता है। SSP ने कहा कि स्क्रीन स्वैप इस गिरोह का मुख्य हथियार है। अगर आपके मोबाइल में नेटवर्क कमजोर है तो ये मत समझियेगा की टावर का प्रॉब्लम है। ये गिरोह मोबाइल कंपनी के कर्मियों के साथ मिलकर आपका नंबर हैक कर लेता है। जब तक आप कंपनी से इस समस्या के संबंध में पूछने जाएंगे। ये गिरोह आपका खाता नील कर चुका होगा। इसे ही स्क्रीन स्वैपिंग कहते हैं।

सॉफ्टवेयर में छोटी सी गड़बड़ी का उठा रहे फायदा :

SSP ने कहा कि PNB का जो इंटरनल सॉफ्टवेयर है। उसमें एक छोटी सी गड़बड़ी है। आरोपित केशियर ने इस जानकारी के बारे में गिरोह के सरगना को अवगत कराया। फिर उसने इसी गड़बड़ी का फायदा उठाते सैंकड़ो लोगों के खाता से रुपये उड़ा लिए।

एक MP को भी बना चुका शिकार :

बताया जा रहा है ये गिरोह एक MP ( सांसद) को भी फ्रॉड का शिकार बना चुका है। उनके खाता से भी 25 लाख रुपये से अधिक उड़ा लिया था। ऐसे सैंकड़ो ग्राहक और पेंशनधारी है, जिन्हें इस गिरोह ने शिकार बनाया है।

बता दें कि नगर थाना में गत दिनों BSNL के रिटायर्ड लाइन मैन के खाते से 22 लाख रुपये उड़ा लिए थे। इस मामले में पीड़ित ने नगर थाना में केस दर्ज कराया था। बताया था कि उनके पास BSNL का सिमकार्ड है। इसका नेटवर्क गायब हो गया था। इसके बाद उनके खाता से 22 लाख से अधिक रुपये गायब हो गए थे। लेकिन, उन्हें पता नहीं लगा। वे दूसरे दिन BSNL के ऑफिस पहुंचे। वहां के कर्मी सन्तोष ने उनसे आधार कार्ड ले लिया था। जब बैंक में पासबुक अपडेट कराने गए तो फ्रॉड का पता लगा था। मामले में नगर पुलिस ने सन्तोष को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन, इसके बाद भी फ्रॉड जारी रहा। इसमे बैंक के कैशियर की सबसे अहम भूमिका है।

दो DSP एक इंस्पेक्टर ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका :

SSP ने कहा कि इस मामले का उद्भेदन करने में दो प्रशिक्षु DSP सतीश सुमन और अमित कुमार के साथ इंस्पेक्टर मोहम्मद शुजाउद्दीन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दिन रात एक कर इस गिरोह का भंडाफोड़ किया। इन्हें पुरुस्कृत किया जाएगा। एसएसपी ने कहा कि कार्रवाई अभी जारी है। कल विशेष खुलासा करेंगे।

खबरें और भी हैं...