अब मुजफ्फरपुर में नाव से पेट्रोलिंग:मधनिषेध विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के निर्देश के बाद कार्रवाई शुरू, बूढ़ी गंडक नदी में चलाया अभियान

मुजफ्फरपुरएक महीने पहले
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शराब माफियाओं पर नकेल कसने को लेकर अब उत्पाद विभाग अलर्ट मोड पर है। - Dainik Bhaskar
शराब माफियाओं पर नकेल कसने को लेकर अब उत्पाद विभाग अलर्ट मोड पर है।

शराब माफियाओं पर नकेल कसने को लेकर अब उत्पाद विभाग अलर्ट मोड पर है। इसलिए नदियों में भी नाव से पेट्रोलिंग शुरू कर दी गयी है। बता दें कि चार दिन पूर्व मधनिषेध विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक मुजफ्फरपुर आये थे। उन्होंने पुलिस और उत्पाद विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इस दौरान उन्होंने कहा था कि नदियों से शराब की तस्करी होती है। इसलिए नदियों में नाव से पेट्रोलिंग कर इसपर रोक लगाया जाए। उनके जाते ही उत्पाद विभाग ने उक्त निर्देश के आलोक में काम करना शुरू कर दिया। टीम ने सिकंदरपुर स्थित बूढ़ी गंडक नदी में नाव से पेट्रोलिंग की। इस दौरान उत्पाद इंस्पेक्टर कुमार अभिनव और उनकी पूरी टीम मौजूद रही। हथियार से लैश होकर जवान नदी में नाव से उतरे। दो घण्टे तक सर्च अभियान चलाया गया। लेकिन, कोई सफलता हाथ नहीं लगी। उत्पाद इंस्पेक्टर ने बताया कि अब लगातार नदियों में नाव से पेट्रोलिंग होगी। शहरी क्षेत्र के अलावा ग्रामीण क्षेत्र की नदियों में टीम सर्च अभियान चलाएगी। इस दौरान टीम की सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा जाएगा।

नाव से पेट्रोलिंग करती पुलिस।
नाव से पेट्रोलिंग करती पुलिस।

नदी की पेटी में बनती है शराब :

नदी की पेटी में देसी शराब बनाने का धंधा चलता है। क्योंकि वहां तक पुलिस आसानी से नहीं पहुँच सकती है। जब तक टीम पहुंचती है। धंधेबाज़ भाग निकलते है। बूढ़ी गंडक नदी की पेटी से दर्जनों बार देसी शराब की फैक्ट्री पकड़ी गई है। इसे ध्वस्त भी किया गया। लेकिन, गिरफ्तारियां नहीं हो सकी। इसलिए हर बार कार्रवाई के बाद दोबारा शराब बनाने का धंधा शुरू हो जाता है।

कई बार पूर्व में जारी हुआ था आदेश :

इससे पूर्व भी कई बार नदी में नाव से पेट्रोलिंग करने का आदेश जारी हुआ था। लेकिन, कभी भी इसे हाशिये पर नहीं उतारा गया। एक बार यह आदेश जारी हुआ है। अब देखने वाली बात होगी कि इस बार कितनी सफलता मिलती है। बता दें कि सकरा बरियारपुर इलाके में एक नदी है। जिसके उस पार वैशाली जिला है। सूत्र बताते हैं कि इस नदी में अक्सर शराब की खेप उतरती है। जिसे उस पार यानी मुजफ्फरपुर जिले के माफिया लेकर जाते हैं। यहां तक कभी भी पुलिस रात को नहीं पहुंच पाती है।