• Hindi News
  • Local
  • Bihar
  • Muzaffarpur
  • Upendra Kushwaha Rejected The Caste Census At The State Level, Said It Does Not Make Any Sense; Expressed Displeasure Over Putting Up Posters Of Future Chief Minister

केंद्र के निर्णय पर टिका जातीय जनगणना:उपेंद्र कुशवाहा ने राज्य स्तर पर जातीय जनगणना को नकारा, कहा- इसका कोई मतलब नहीं; भावी मुख्यमंत्री वाले पोस्टर लगाने पर जताई नाराजगी

मुजफ्फरपुर9 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
प्रेस वार्ता करते उपेंद्र कुशवाहा। - Dainik Bhaskar
प्रेस वार्ता करते उपेंद्र कुशवाहा।

बिहार भ्रमण के दौरान मुजफ्फरपुर पहुंचे जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने शुक्रवार को सर्किट हाउस में मीडियाकर्मियों से बातचीत की। उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी। कहां की केंद्र के निर्णय पर जातीय जनगणना टिका है। राज्य स्तर पर जातीय जनगणना का कोई मतलब नहीं होता है। अगर राज्य स्तर पर यह जनगणना कराई जाती है तो इसका बहुत व्यापक प्रभाव देखने को नहीं मिलेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अभी प्रधानमंत्री जी से मिलकर आएं हैं।

उन्होंने स्टेटमेंट दिया है कि PM ने नकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं व्यक्त की है। इसका मतलब साफ है कि अभी उम्मीद नहीं खत्म हुई है। हमलोग जातीय जनगणना को लेकर काफी पॉजिटिव हैं। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में पूरे राज्य में पार्टी के अंदर गुटबाजी की बात सामने आ रही है। कई कार्यकर्ताओं ने रोष प्रकट किया है । कहा कि पुराने लोगों की पार्टी में उपेक्षा की जा रही है। इसी को लेकर वह बिहार भ्रमण पर निकले हैं। कई तरह की बातें इस दौरान सामने आई इसे उन्होंने नोट किया है। और अपना फीडबैक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को देंगे।

संगठन में बदलाव की तरफ इशारा :

उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो संगठन स्तर पर बदलाव भी किया जाएगा। इसका आकलन कर रहे हैं। विरोधियों को कोई मुद्दा नहीं मिल रहा है क्योंकि बिहार में लगातार विकास हो रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विधान पार्षद दिनेश प्रसाद सिंह भी पहुंचे। उन्हें देखकर मीडिया कर्मियों ने पूछा कि क्या इनकी घर वापसी हो गई है। इस पर वह हंसते हुए जवाब को टाल गए। विधान पार्षद भी इस संबंध में जवाब नहीं दिया। बता दें कि पिछले विधानसभा चुनाव में दिनेश सिंह पर दल विरोधी काम करने का आरोप लगा था। उन्होंने बस इतना कहा कि वह पार्टी के लिए तन मन से समर्पित है। पार्टी विरोधी लोग उन्हें बदनाम करने के लिए साजिश के तहत आरोप लगाते हैं।

पोस्टर विवाद पर जताया एतराज :

इधर, कुशवाहा ने भावी मुख्यमंत्री बताकर पोस्टर लगाने के मामले में कहां की यह जदयू की ओर से नहीं लगाया गया था। इस एक संगठन ने जारी किया था। जिस पर उन्होंने आपत्ती जताई थी। उसका पार्टी से कोई लेना देना नहीं है। बिहार के विकास में सभी लोग मिलकर सहयोग करें। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया। कहा कि निराश ना हो दर्ज रखें पार्टी के लिए कौन क्या काम कर रहा है वह दिख रहा है। सब कुछ धीरे धीरे ठीक हो जाएगा।

आरसीपी पर साधा निशाना :

बता दें कि कार्यकर्ताओं ने इशारों इशारों में आरसीपी सिंह पर निशाना साधा था कहा था कि विधानसभा चुनाव में एक नंबर से तीन नंबर पर पार्टी पहुंच गई। पार्टी में पुराने लोगों की उपेक्षा की जा रही है और पार्ट टाइम राजनीति करने वाले आगे बढ़ रहे हैं। इससे पार्टी का ही नुकसान हो रहा है। इसे अविलंब सुधार करने की आवश्यकता है। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि धैर्य रखें सब का आकलन हो रहा है। सब कुछ ठीक हो जाएगा।

जज की बहाली के लिए हो प्रतियोगिता :

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जिस तरह देश मे SP और DM की बहाली के लिए खुली प्रतियोगिता होती है। उसी तरह हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जज की बहाली के लिए प्रतियोगिता होनी चाहिये। शुरू से ही वे इस बात को बोलते आ रहे हैं। गठबंधन और पार्टी को लेकर उन्होंने कहा कि गठबंधन ज़रूर है भाजपा के साथ। लेकिन, पार्टी तो अलग है न। अगर सबके एक ही विचार हो जाएंगे तो फिर गठबंधन की क्या ज़रूरत है। सब एक मे मिल जाएगा।

खबरें और भी हैं...