सुप्रीम काेर्ट की कमेटी के अगले सप्ताह आने की सूचना:जिले में ब्लैक स्पाॅट हाेंगे चिह्नित चलेगा वाहन चेकिंग अभियान, अधिकारियाें की नींद खुली

मुजफ्फरपुर3 महीने पहले
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सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में शामिल अधिकारीगण। - Dainik Bhaskar
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में शामिल अधिकारीगण।
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जिले में लगातार हाे रही सड़क दुर्घटनाओं के बाद भी अधिकारियाें की नींद तब खुली है, जब सुप्रीम काेर्ट की कमेटी के मुजफ्फरपुर आने की तिथि तय हुई है। जिला सड़क सुरक्षा कमेटी ने शनिवार काे आनन-फानन में बैठक कर सुप्रीम काेर्ट द्वारा सड़क सुरक्षा काे लेकर दिए गए निर्देशाें पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही सभी संबंधित विभागाें काे इसका अनुपालन कराने का निर्देश दिया। एनएचएआई व पथ निर्माण विभाग काे शीघ्र डिस्प्ले बाेर्ड लगाने व ब्लैक स्पाॅट चिह्नित करने का निर्देश दिया गया।

सुप्रीम काेर्ट के निर्देश पर भी हर शनिवार काे जांच नहीं करनेवाली परिवहन विभाग की टीम काे सीट बेल्ट व हेलमेट जांच के लिए लगातार अभियान चलाने और थानाध्यक्षाें काे ब्लैक स्पॉट की सूची परिवहन विभाग को देने के लिए कहा गया। इसके साथ ही डीएम प्रणव कुमार ने अवैध पार्किंग, ओवर स्पीड वाहन चलानेवालाें समेत किसी ट्रैफिक नियम काे ताेड़नेवालाें से जुर्माना वसूलने का निर्देश दिया। उन्हाेंने सभी विभागीय अधिकारियाें काे आपस में सामंजस्य बना काम करने के लिए कहा। बता दें कि 9 अगस्त काे सुप्रीम काेर्ट की कमेटी बिहार आ रही है।

इस कमेटी के 13 या 16 अगस्त काे मुजफ्फरपुर आने की उम्मीद है। इसे लेकर आनन-फानन में कमेटी की बैठक कर स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायती राज, पुलिस, यातायात विभाग समेत आसीडी, नगर निगम, एनएचएआई काे लंबित कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया गया। बैठक में नगर आयुक्त विवेक रंजन मैत्रेय, आरटीए सचिव वरुण मिश्रा, अपर समाहर्ता राजेश कुमार, सिटी एसपी राजेश कुमार, डीटीओ लाल ज्योतिनाथ शाहदेव, एसडीओ पूर्वी कुंदन कुमार व एसडीओ पश्चिमी अनिल दास, सीएस डॉ. विनय शर्मा, जिला जनसंपर्क अधिकारी कमल सिंह, माेटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष उदय शंकर सिंह, एनएचएआई के परियोजना निदेशक, ऑटो एसोसिएशन के अध्यक्ष आदि शामिल थे।

सदर अस्पताल की इमरजेंसी का नाम बदलकर किया जाएगा ट्रामा सेंटर : सदर अस्पताल में इलाज व्यवस्था पीएचसी से भी बदतर हाेने की डीएम की टिप्पणी के बाद भी सुधार नहीं करनेवाले प्रबंधन ने इसकी इमरजेंसी का नाम बदलकर ट्रामा सेंटर करने का निर्णय लिया है। लेकिन, सड़क या अन्य हादसाें मेें जख्मी के इलाज के लिए डाॅक्टर की उपस्थिति और दवाओं की उपलब्धता के लिए काेई अतिरिक्त व्यवस्था नहीं की गई है। चाैराहे-तिराहाें पर डिस्प्ले बाेर्ड लगा एंबुलेंस, नजदीक के अस्पताल, पीएचसी प्रभारी व बीएचएम के माेबाइल नंबर दर्ज कराने का निर्देश दिया गया।

ये भी लिए गए निर्णय

  • सड़क गतिविधि-दुर्घटनाओं के आंकड़ों की हाेगी निगरानी
  • प्रोटोकॉल के अनुसार ब्लैक स्पॉट की पहचान व सुधार
  • सघन वाहन जांच अभियान और सड़क सुरक्षा काेषांग
  • गुड सेमेरिटन काे प्रोत्साहन राशि 5000 का प्रावधान
  • ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक व सिमुलेटर प्रशिक्षण।
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