मुजफ्फरपुर में फिल्म 'काली' के डायरेक्टर समेत 2 पर केस:धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप; पोस्टर से विवादित सीन हटाने की मांग

मुजफ्फरपुर3 महीने पहले

धार्मिक भावना को आहत पहुंचाने को लेकर फिल्म मेकर लीना मणिमे कलाई की अपकमिंग शॉर्ट फिल्म काली को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। विवाद काली के पोस्टर जारी करने के बाद से बढ़ने लगा है। इसको लेकर मुजफ्फरपुर कोर्ट में फिल्म की डायरेक्टर लीना मणिमेकलाई, एसोसिएट प्रोड्यूसर आशा और लेखक प्रणव श्रवण के खिलाफ मंगलवार को मामला दर्ज हुआ है।

विवादित सीन को हटाने की मांग

अधिवक्ता सुधीर ओझा ने परिवाद दायर किया है। दायर केस में कहा गया है कि हिंदू देवी-देवताओं का विवादित फोटो बनाकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। मां काली को सिगरेट पीते हुए दिखाया गया है।

कई सोशल प्लेटफॉर्म पर इसे प्रसारित भी किया गया है। ऐसे में इस सीन को फिल्म से हटाया जाए। साथ ही अन्य प्लेटफॉर्म से इसे डिलीट किया जाए। इस परिवाद में आईपीसी की धारा 295, 297, 298, 504 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

16 जुलाई को अगली सुनवाई

अधिवक्ता सुधीर ओझा ने कहा कि फिल्म काली में मां भगवती का जो स्वरूप दिखाया गया है। यह जान-बूझकर हिन्दू भावनाओं को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया है। इसी को लेकर सीजीएम मुजफ्फरपुर की अदालत में परिवाद दायर किया है।

लीना मणिमेकलाई, आशा पुंचक और प्रणव श्रवण पर मामला दर्ज किया है। 16 जुलाई को मामले की सुनवाई होगी। न्यायालय से मांग की है कि जो पोस्टर जारी किया गया है। उसे तुरंत हटाई जाए।।