छह सदस्यीय केंद्रीय दल राज्य मुख्यालय पहुंची:बाढ़ और अत्यधिक बारिश से जिले में हुई क्षति का जायजा लेने आज आएगा केंद्रीय दल

मुजफ्फरपुरएक महीने पहले
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छाजन हरिशंकर पूर्वी पंचायत में जलजमाव से हुई बर्बादी का जायजा लेते अधिकारी। - Dainik Bhaskar
छाजन हरिशंकर पूर्वी पंचायत में जलजमाव से हुई बर्बादी का जायजा लेते अधिकारी।
  • संबंधित अधिकारियों के साथ होगी समीक्षा : दो हिस्से में बंट कर केंद्रीय टीम मुजफ्फरपुर के साथ ही पूर्वीं चंपारण, दरभंगा, समस्तीपुर में जान-माल की नुकसान का करेगी आकलन

बाढ़ व अत्यधिक बरसात से हुई क्षति का जायजा लेने बुधवार को केंद्रीय दल मुजफ्फरपुर पहुंचेगा। छह सदस्यीय केंद्रीय दल मंगलवार को राज्य मुख्यालय पहुंची। टीम दाे हिस्से में बंटकर राज्य के मुजफ्फरपुर के साथ ही पूर्वी चंपारण, दरभंगा, समस्तीपुर तथा पटना जिले में बाढ़ व अत्यधिक बरसात के कारण हुई क्षति का आकलन करेगी। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के उप सचिव डॉ. महेन्द्र पाल ने मुजफ्फरपुर समेत सभी जिलों के डीएम काे इसकी जानकारी देते हुए टीम के पहुंचने तथा 16 दिसंबर तक क्षति का आकलन करने की सूचना भेजी है।

जानकारी के अनुसार, केंद्रीय टीम दाे हिस्से में बंट कर इन जिलों में हुई क्षति का आकलन के साथ ही संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा करेंगी। गृह विभाग के संयुक्त सचिव राकेश कुमार सिंह, कृषि विभाग के सचिव मान सिंह तथा ग्रामीण विकास विकास विभाग के उप सचिव शैलेश कुमार मुजफ्फरपुर के साथ ही पूर्वी चंपारण जिले में बाढ़ से हुई क्षति का आकलन करने बुधवार की दोपहर 1.30 बजे पटना से मुजफ्फरपुर सर्किट हाउस पहुंचेंगे। डीएम प्रणव कुमार ने केंद्रीय टीम के भ्रमण की सूचना देते हुए इनके संपर्क अधिकारी के रूप में अनुमंडल कृषि अधिकारी पश्चिमी भूदेव राणा यशु काे तैनात किया है।

इसके साथ ही जिला कृषि अधिकारी शिलाजीत सिंह काे अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन डॉ. अजय कुमार से संपर्क करते हुए पीपीटी में रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। केंद्रीय टीम दोपहर 2 बजे से समीक्षा के बाद बाढ़ प्रभावित प्रखंड का निरीक्षण कर शाम 6 बजे पटना लाैट जाएगी।

कुढ़नी की छाजन हरिशंकर पंचायत में टीम कर सकती है निरीक्षण
जिले में इस वर्ष हुई अत्यधिक बारिश व बाढ़ से हुई क्षति का आकलन करने आज केंद्रीय टीम पहुंचेगी। इस दैारान अधिकारियों से क्षति की जानकारी लेने के साथ ही टीम धरातल पर क्षति की स्थिति भी जानेगी। अगर केंद्रीय टीम ने धरातल पर जाकर क्षति काे देखा ताे कुढ़नी प्रखंड की छाजन हरिशंकर पूर्वी पंचायत में हुई फसल क्षति जिले के लिए मॉडल बनेगा।

अधिकारी इस स्थान पर अबतक जलजमाव के साथ ही धान की फसल काे किसानों द्वारा नहीं काट पाने की स्थिति काे दिखाते हुए टीम काे हुई क्षति का नजारा दिखाएंगे। जिले में इस वर्ष सामान्य से डेढ़ गुनी हुई अधिक बारिश के साथ ही बागमती, गंडक व बूढ़ी गंडक समेत अन्य नदियों की बाढ़ से फसलाें काे व्यापक क्षति हुई है। कृषि विभाग ने किसानों काे एक अरब सात कराेड़ रुपए की फसल क्षति तथा परती भूमि रह जाने से 30 कराेड़ रुपए की अतिरिक्त क्षति का आकलन किया है।

पूर्व में जिले में 69501.48 हेक्टेयर में लगी फसल क्षति की सौंपी थी रिपोर्ट
इससे पूर्व 2 सितंबर 2021 काे डीएम की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय टीम ने जिले में हुई क्षति का आकलन किया था। जिसमें 69501.48 हेक्टेयर में लगी फसलाें की क्षति के साथ ही 463 ग्रामीण सड़क व 32 पथ निर्माण विभाग की सड़कों के क्षतिग्रस्त हाेने की रिपोर्ट सौंपी गई थी। इसके अलावा जिले के बाढ़ प्रभावित आठ प्रखंडों में प्रभावितों के बीच जीआर भुगतान की जानकारी दी गई थी। जिले की विभिन्न प्रखंडों की 137 पंचायतों की 4.35 लाख आबादी काे बाढ़ प्रभावित बताया गया था।

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