पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

ओटीएस योजना अभियान:समझौते काे चार घंटे बैठे रहे वाणिज्य कर अफसर, नहीं पहुंचे काराेबारी

मुजफ्फरपुरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • विभाग ने वैट बकाया मामले एकमुश्त निबटारे काे फरवरी तक दिया है मौका
  • चेंबर अध्यक्ष और महासचिव ने ली बकायादारों की सूची

जीएसटी से पहले के वैट बकाए मामलों का एकमुश्त निबटारा योजना ओटीएस के तहत लगाए कैंप में शुक्रवार काे वाणिज्य कर विभाग के पदाधिकारी 4 घंटे तक बैठे रहे। लेकिन, एक भी बकाएदार कारोबारी नहीं पहुंचे। विभाग ने ओटीएस योजना के तहत अभियान की बकाएदारों काे जानकारी भी दी थी।

इसके बाद नॉर्थ बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स सभागार में ही कैंप लगाया गया। सुबह 10 बजे विभाग के राज्य कर उपायुक्त पश्चिमी कुमार शैलेन्द्र, सुरेन्द्र कुमार, सहायक आयुक्त राज्य कर नीरज कुमार व राजू कुमार अपने कर्मियों के साथ लिस्ट लिए पहुंचे। पहले तो बकाएदार कारोबारियों के आने का इंतजार किया गया। जब वे नहीं आए, तो पदाधिकारियों ने निबटारे का फॉर्म चैंबर अधिकारियों को सौंप दी।
चैंबर दफ्तर से लाैट आए। चैंबर अध्यक्ष पुरुषोत्तम लाल पोद्दार और महासचिव सज्जन शर्मा ने फॉर्म के साथ बकाएदारों की सूची ली। महासचिव ने कहा कि संपर्क करने पर बकाएदारों काे फॉर्म उपलब्ध कराया जाएगा।
जिले के 2800 कारोबारियों पर वैट का बकाया है
जिले में 2800 कारोबारियों के यहां वैट बकाया है। पिछले साल भी ओटीएस योजना चलाई गई थी। तब जनवरी से अप्रैल तक 9 करोड़ से अधिक टैक्स जमा हुआ। अभी 53 करोड़ रुपए बकाया है।

सहायक आयुक्त बोले- कार्यालय में 50 फॉर्म जमा
सहायक आयुक्त राज्य कर पूर्वी ने कहा कि कार्यालय में 50 फॉर्म जमा हुए हैं। योजना से बकाएदारों को ही लाभ होगा। ओटीएस 28 फरवरी तक है। इसमें टैक्स पर पेनाल्टी और ब्याज पर 90 प्रतिशत की माफी है। बकाएदार काेर्ट में मामला रहने के बावजूद निर्धारित कर पर 35 प्रतिशत तक देकर बकाए से निवृत हो सकते हैं।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- आपकी सकारात्मक और संतुलित सोच द्वारा कुछ समय से चल रही परेशानियों का हल निकलेगा। आप एक नई ऊर्जा के साथ अपने कार्यों के प्रति ध्यान केंद्रित कर पाएंगे। अगर किसी कोर्ट केस संबंधी कार्यवाही चल र...

    और पढ़ें