तैयारी की खामी उजागर:डीडीसी ने कंट्रोल रूम से एंबुलेंस भेजने को कहा, जवाब मिला- मुझे जानकारी नहीं, एंबुलेंस के नंबर पर फोन करें!

मुजफ्फरपुर13 दिन पहले
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बिहार बाेर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में बने काेविड सेंटर में मॉक ड्रिल करते स्वास्थ्यकर्मी। - Dainik Bhaskar
बिहार बाेर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में बने काेविड सेंटर में मॉक ड्रिल करते स्वास्थ्यकर्मी।
  • सिविल सर्जन को फोन कर डीडीसी ने मंगवाया एंबुलेंस, फिर हुआ मॉक ड्रिल

हेलो... कंट्रोल रूम, मैं एसडीओ पूर्वी कार्यालय से बोल रहा हूं। एक कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव हैं, उनकी हालत सीरियस है। जल्द एंबुलेंस भेजिए। कंट्रोल रूम से कर्मी का जवाब- आप कहां फोन किए हैं? मुझे एंबुलेंस के बारे में कोई जानकारी नहीं है। आप एंबुलेंस के नंबर पर फोन कर लीजिए। फिर डीडीसी- यह सदर अस्पताल का कोरोना कंट्रोल रूम है ना? कर्मी- जी कंट्रोल रूम है, लेकिन आप क्या बोल रहे हैं, समझ में नहीं आ रहा है। इसके बाद डीडीसी ने सिविल सर्जन को फोन कर एसडीओ पूर्वी कार्यालय एंबुलेंस भेजने को कहा।

सिविल सर्जन ने परीक्षा समिति के क्षेत्रीय कार्यालय से एंबुलेंस भेजा। एसडीओ पूर्वी के दफ्तर से काेराेना पॉजिटिव राेगी काे लाया गया। दरअसल डीएम के आदेश पर स्वास्थ्य महकमे की तीसरी लहर काे लेकर तैयारी का जायजा लेना था। डीडीसी आशुतोष द्विवेदी ने इसी के लिए एसडीओ पूर्वी के दफ्तर के कर्मी के पॉजिटिव हाेने की सूचना देकर एंबुलेंस मांगा। कर्मी डमी के ताैर पर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के क्षेत्रीय कार्यालय में बने काेराेना अस्पताल लाया गया। वहां संक्रमित के पहुंचने से पहले शुक्रवार दोपहर 12 बजे सिविल सर्जन डाॅ. विनय कुमार शर्मा, डीपीएम बीपी बर्मा, केयर इंडिया के जिला समन्वयक सौरभ तिवारी, एसीएमओ डॉ. सुभाष प्रसाद सिंह, डॉ. सीके दास समेत कई अधिकारी व कर्मचारी कोविड अस्पताल पहुंच चुके थे।

करीब 1 बजे एसडीओ पूर्वी ने सिविल सर्जन को फोन कर कंट्रोल रूम का नंबर मंगा। उन्हें टोल फ्री नंबर 18003456629 लिखवा दिया गया। एसडीओ पूर्वी से नंबर लेकर डीडीसी श्री द्विवेदी ने टोल फ्री नंबर पर फाेन किया। तो दो बार फाेन रिसीव नहीं हुअा। तीसरी बार में एंबुलेंस के नंबर पर फाेन करने काे बाेला गया। थोड़ी देर बाद एसडीओ पूर्वी के कहने पर सिविल सर्जन ने डीडीसी से बात की। डीडीसी ने उन्हें पूरी कहानी सुनाई। इस तरह कंट्रोल रूम की खामी उजागर हुई।

ऐसे हुआ मॉकड्रिल
... और कोरोना मरीज 3 मिनट में आईसीयू में भर्ती : दोपहर बाद 1:45 पर एक एंबुलेंस से डमी काेराेना पॉजिटिव मरीज वीरेंद्र कुमार डेडिकेटेड कोविड अस्पताल पहुंचे। श्री कुमार एसडीओ पूर्वी कार्यालय के कर्मी हैं। माॅक ड्रिल में एंबुलेंस से उतर गेट पर आते ही उन्हें व्हीलचेयर से ट्रायल रूम ले जाया गया। उनके परिजन बने गोपनीय प्रशाखा के कर्मी आनंद कुमार हेल्प डेस्क पर पहुंचे। वहां सोनाली कुमारी और रवि कुमार ने मरीज के लक्षण, नाम-पता, मोबाइल नंबर लेकर पर्ची बना दी।

ट्रायल रूम में तैनात डॉ. सीके दास ने स्टाफ पवन कुमार और शिवराज धाकड़ के साथ मरीज का बीपी व ऑक्सीजन लेवल माप कर इलाज शुरू किया। करीब तीन में डॉ. सीके दास के निर्देश पर मरीज की स्थिति देखते हुए आईसीयू में भर्ती किया गया। वहां केयर की स्टाफ नर्स मधु सिन्हा और आरती पोद्दार ने 30 सेकंड में ऑक्सीजन लगा दी। डॉक्टर के निर्देश के अनुसार दवा देकर मरीज को वेंटिलेटर लगा दिया गया। पूरी प्रक्रिया में करीब 7 मिनट लगे। इसके बाद डमी मरीज काे छुट्टी दे दी गई। करीब 15 मिनट बाद डीडीसी पहुंचे और सिविल सर्जन से बेड, ऑक्सीजन और दवा आदि की जानकारी ली।

सिविल सर्जन के फाेन का भी कंट्रोल रूम से नहीं मिला जवाब
खुद सिविल सर्जन, डीपीएम और एसीएमओ ने भी काेराेना कंट्रोल रूम के नंबर पर फोन किया। लेकिन, फोन रिसीव नहीं हुआ। कई प्रयास के बाद डीपीएम का फोन रिसीव हाेने पर वैक्सीनेशन कंट्रोल रूम का नंबर हाेने की बात कही गई। जबकि, टोल फ्री नंबर 18003456629 काेराेना संक्रमितों की मदद के लिए जारी है। बाद में सिविल सर्जन ने अस्पताल प्रबंधक कल्पना कुमारी और विपिन पाठक को व्यवस्था दुरुस्त करने काे कहा। फिर सिविल सर्जन ने डीडीसी को सफाई के ताैर पर तकनीकी गड़बड़ी की दुहाई दी।

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