बांधी रिश्तों की डोर / आर्थिक स्थिति बिगड़ी तो बढ़ गई घरेलू हिंसा, एेसे परिवाराें काे टूटने से बचा रहा लॉकडाउन सॉल्यूशन

X

  • काउंसेलिंग कर दो महीने में 200 से अधिक परिवाराें में कराई सुलह

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

मुजफ्फरपुर. शहर की पिंकी (काल्पनिक नाम) स्वरोजगार से पति का सहयोग करती थी। लॉकडाउन में काम रुकने से परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई। एेसे में छोटी-छोटी बातों पर विवाद होने लगा। यह कहानी सिर्फ पिंकी की ही नहीं है। आर्थिक स्थिति बिगड़ने से जिले में घरेलू हिंसा के मामले 10 प्रतिशत बढ़ गए हैं। परिवार टूटने लगे हैं। ऐसे में लॉकडाउन सॉल्यूशन ने महिलाओं व पीड़ितों की काउंसेलिंग कर विवाद सुलझाना शुरू किया। इस पहल से संगठन ने 23 मार्च से 23 मई तक दो माह में 200 से अधिक परिवाराें काे टूटने से बचाया है। इसका संचालन एपीपी डॉ. संगीता शाही, सामाजिक कार्यकर्ता वंदना शर्मा, महिला अधिवक्ता लता पूनम व सामाजिक कार्यकर्ता अनिल सिंह द्वारा किया जा रहा। डाॅ. शाही ने बताया कि अन्य स्वयंसेवी संगठनाें से भी मदद ली जा रही, जिससे पीड़ित पुलिस से पहले हमारे पास पहुंच रहे हैं। हालांकि, विवाद इस स्तर तक बढ़ जाता है कि पुलिस का हस्तक्षेप जरूरी है तो उसमें महिला हेल्पलाइन की मदद ली जाती है। पीड़ित काे हेल्पलाइन का नंबर उपलब्ध कराया जाता है। 
कई मामलों में खुदकुशी तक की आ जाती है नाैबत : डॉ. संगीता
अपर लोक अभियोजक डॉ. संगीता शाही ने बताया कि आर्थिक स्थिति बिगड़ने के कारण घरेलू हिंसा के मामले इन दिनाें पहले से 10 फीसदी बढ़ गए हैं। प्रॉपर्टी विवाद व अन्य कलह के बीच आत्महत्या तक की नाैबत आ जाती है। लेकिन, काउंसलिंग का फायदा यह हाे रहा कि महिलाएं जाे बात मायकेवालों से भी छिपाए रखतीं, वह भी दिल खोलकर बताती हैं। अब हर दिन 10 से अधिक फाेन आ रहे हैं। पता चल रहा है कि जाे बातें पहले हंसी में उड़ा दी जाती थीं, वह अब हिंसा का कारण बन रही हैं। इसके पहले लाेग ड्यूटी या कार्य की व्यस्तता के बीच छाेटी-छाेटी बाताें काे नजरअंदाज कर देते थे।
बोले साइकाेलाॅजिस्ट- लाेगों में धैर्य की आ गई है कमी
साइकाेलाॅजिस्ट डॉ. रणवीर कुमार कहते हैं कि आय के अनुसार जरूरतें सीमित न करने से परेशानियां खड़ी हो रही हैं। लोगों में धैर्य की कमी अा गई है। अपनी बातें सुनाने की भावना के कारण आक्रामकता बढ़ रही है। इसका सीधा असर परिवाराें पर पड़ रहा है।

सुझाव : दिखावे की संस्कृति से निकलें बाहर, खुद को मशीन न समझें संवेदनशील इंसान बनें, देर रात तक जागने से अाता है चिड़चिड़ापन, परिवार में लाेग एक-दूसरे से बातचीत करते रहें, अच्छी पुस्तकें पढ़ें, थाेड़ा-बहुत एक्सरसाइज भी करें, पौष्टिक भोजन लें और तनाव से बचें।

कोरोना लॉकडाउन के दौरान घरेलू हिंसा के मामले बढ़े हैं। महिलाओं को जो परेशानी हो रही है उसकी शिकायत वो महिला अायाेग से करें। आयोग की ओर से हरसंभव मदद की जाती है।
-दिलमणि मिश्रा, अध्यक्ष, राज्य महिला आयोग।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना