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  • Due To The Severe Floods In Nepal, The Rivers Of North Bihar Are Booming, There Is A Huge Increase In The Water Level Of Many Rivers Including Bagmati, Kasi, Kamla Balan, Gandak.

नेपाल में आई बाढ़ से बिहार में खतरा:बागमती, कोसी, कमला बलान, गंडक सहित कई नदियों के जलस्तर में भारी वृद्धि, अलर्ट जारी

मुजफ्फरपुरएक महीने पहले
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सहरसा के पूर्वी व पश्चिमी तटबंध के बीच रामपुर गांव में फैला कोसी नदी का पानी। - Dainik Bhaskar
सहरसा के पूर्वी व पश्चिमी तटबंध के बीच रामपुर गांव में फैला कोसी नदी का पानी।

तराई क्षेत्रों में पिछले दाे दिनाें से हाे रही भारी बारिश के बाद नेपाल में आई बाढ़ से उत्तर बिहार की कई प्रमुख नदियां एक बार फिर उफना गई है। बागमती, कोसी, कमला बलान, गंडक सहित अन्य नदियों के जलस्तर में भारी वृद्धि की आशंका काे देखते हुए जलसंसाधन विभाग की ओर से अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटे के दाैरान बागमती नदी के जलस्तर में 154 सेमी की वृद्धि हुई है। हालांकि, बागमती नदी खतरे के निशान से अब तक 18 सेमी नीचे बह रही है।

उधर, कुशेश्वरस्थान में कमला बलान नदी खतरे के निशान से 1.10 मीटर ऊपर बह रही है। वहीं, जयनगर में कमला नदी के जलस्तर में 25 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई है। झंझारपुर में भी कमला खतरे के निशान से 1.15 मीटर ऊपर बह रही है। गंडक नदी के जलस्तर में भी भारी वृद्धि हुई है। पिछले 24 घंटे के दाैरान उत्तर बिहार में 66.2 एमएम बारिश हुई है। मालूम हाे कि नेपाल के पूर्वी व पश्चिमी हिस्से में आई भीषण बाढ़ से 77 लाेगाें के मरने की सूचना है। जबकि, 26 लाेग लापता बताए जा रहे हैं।

कोसी का डिस्चार्ज 2.6 लाख क्यूसेक हुआ, बराज के 42 फाटक खोले गए
बुधवार को कोसी बराज स्थित कंट्रोल रूम से नदी का जलस्तर 2,69,150 क्यूसेक बढ़ते क्रम में दर्ज किया गया। कोसी नदी के 56 में से 42 फाटक भी खोल दिए गए हैं। इसके बाद नदी के जलस्तर में गिरावट देखी जा रही है। यह जलस्तर इस साल का सर्वाधिक डिस्चार्ज है। हर वर्ष बाढ़ अवधि में दर्ज किए जाने वाले कोसी पुस्तक के आंकड़े बताते हैं कि अक्टूबर में 1968 के बाद पहली बार इतना पानी कोसी में आया है।

दरभंगा उपचुनाव में 41 बूथ प्रभावित
नदियों के जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि से 30 अक्टूबर को होने वाले कुशेश्वरस्थान विधानसभा उपचुनाव में परेशानी हो सकती है। क्योंकि इस प्रखंड के कुल 98 बूथों में से 55 से 60 बूथ बाढ़ से पूरी तरह प्रभावित है। इसमें से 41 बूथ नदी के पार है। बूथ संख्या 199, 200, 203, 204, 205 सहित 16 बूथ एक नदी के पार एवं 208, 209, 210, 211 सहित 25 बूथ दूसरी नदी के पार है। इस कारण अब अधिकतर बूथों पर गाड़ी नहीं, बल्कि नावों से ही मतदान कर्मियों एवं सुरक्षाबलों को जाना पड़ेगा।

बारिश के कारण धान की फसल बर्बाद
लगातार हो रही बरसात के कारण धान की काटी गई फसल पानी में पड़ी है। किसान यह सोच कर परेशान है कि पानी में डूबी तैयार फसल को कैसे पानी से बाहर निकालें। विगत 24 घंटे में जिले में 36.76 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई है। अभी दो दिनों तक जिला में वर्षा जारी रहने की संभावना है। उसके बाद मौसम साफ होगा। नेपाल में हो रही भारी बरसात के कारण नदियों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका हो गई है। किसान की अगात धान की फसल कट चुकी है। धान की फसल अभी खेत में है। बरसात के कारण वह पानी में डूब गई है।

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