विवेक कुमार के खिलाफ ईडी दर्ज कर सकती है मुकदमा:मुजफ्फरपुर के एसएसपी रहे विवेक कुमार के खिलाफ ईडी दर्ज कर सकती है मुकदमा; आय से अधिक संपत्ति के मामले में पहले से दर्ज है केस

मुजफ्फरपुर2 महीने पहले
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आईपीएस विवेक कुमार - Dainik Bhaskar
आईपीएस विवेक कुमार

बिहार कैडर के 2007 बैच के आईपीएस अधिकारी व मुजफ्फरपुर के तत्कालीन एसएसपी विवेक कुमार के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय इंफोर्समेंट केस इनफॉरमेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज कर सकती है। विवेक कुमार के खिलाफ स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने पहले से आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर रखा है।

वर्ष 2018 में विवेक कुमार जब मुजफ्फरपुर के एसएसपी थे तब उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे और स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने मुजफ्फरपुर के अलावा उत्तर प्रदेश के सहारनपुर और मुजफ्फरनगर में उनके ठिकानों पर छापेमारी कर बड़ी संपत्ति का पता लगाया था और उससे संबंधित दस्तावेज जप्त किए थे।

भ्रष्टाचार के मामले में आरोपी विवेक कुमार के खिलाफविभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। सूत्रों के अनुसार भ्रष्टाचार के मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय भी विवेक कुमार पर अपना शिकंजा कस सकती है। ऐसे मामलों में ईडी प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत कार्रवाई करती है। स्पेशल विजिलेंस यूनिवर्सिटी में वर्ष 2018 में विवेक कुमार के ठिकानों पर दो दिनों तक छापेमारी की थी।

गोपनीय ऑफिस में मिले कार्बाइन के लिए कौन होगा आरोपी, यह अब तक तय नहीं कर पाई पुलिस
तत्कालीन एसएसपी विवेक कुमार के सिकंदरपुर स्थित सरकारी कोठी पर आय से अधिक संपत्ति को लेकर अप्रैल 2018 में हुई छापेमारी में अवैध हथियार भी मिली थी। स्पेशल विजिलेंस यूनिट के अधिकारियों ने आवासीय कार्यालय में आलमारी के निचले खाने में तौलिए में लिपटी एक कार्बाइन भी जब्त की थी।

वहीं टेबल के दराज में 315 बोर की एक गोली भी मिली थी। साढ़े 3 साल बीत जाने के बाद भी पुलिस अधिकारी अब तक यह तय नहीं कर पाए कि जब्त हथियार के लिए आरोपी कौन बनेगा। खुद तत्कालीन एसएसपी या उनका गोपनीय रीडर? स्पेशल विजिलेंस यूनिट के एसपी ने अवैध हथियार के लिए एफआईआर दर्ज कराई लेकिन आरोपी अज्ञात को बनाया।

जब्ती सूची पर एसएसपी ने हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया था। हथियार के अलावा नोटबंदी के कारण बेकार हो चुके नोट और विदेशी करेंसी भी जब्त हुई थी। हथियार बरामदगी के इस केस को तीन एसएसपी, तीन सिटी एसपी और तीन डीएसपी ने देखा। नगर थाने में चार थानेदार भी बदल गए। मामला एफआईआर से आगे नहीं बढ़ा।

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