​​​​​​​कोरोना काल में कंपनियां नहीं पहुंचीं कॉलेज:प्लेसमेंट देने में पिछड़ रहे इंजीनियरिंग कॉलेज : पिछले 3 वर्षों में एमआईटी में महज 18.4% तो भागलपुर में 13.75

मुजफ्फरपुरएक महीने पहलेलेखक: प्रशांत कुमार
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  • सत्र 2018-19, 2019-20 और 2020-21 में हुए प्लेसमेंट के रिकॉर्ड से ख्ुलासा

सूबे के इंजीनियरिंग कॉलेजों में पिछले तीन वर्षों में कैंपस प्लेसमेंट की स्थिति अच्छी नहीं है। तीन शैक्षणिक सत्र 2018-19, 2019-20 और 2020-21 में औसत प्लेसमेंट की बात करें तो एमआईटी (मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) में महज 18.4 फीसदी तो भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में महज 13.75 फीसदी ही रहा है। इसकी बड़ी वजह कोरोना काल में कंपनियों का कॉलेजों तक नहीं पहुंचना है।

पिछले तीन वर्षों में सूबे में सबसे अधिक औसत प्लेसमेंट पटना जिले के बीसीई बख्तियारपुर (बख्तियारपुर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग) में हुआ है। यहां औसत प्लेसमेंट 34.32 फीसदी रहा। वहीं दूसरे स्थान पर आरआरएसटीसीई बेगूसराय है। यहां औसत प्लेसमेंट 32.6 फीसदी रहा है। जबकि, एससीई सहरसा में 0.65 फीसदी, एससीई सुपौल में 2.29 फीसदी और पूर्णिया इंजीनियरिंग कॉलेज में 3.35 फीसदी औसत प्लेसमेंट हुआ है।

साथ ही इंजीनियरिंग कॉलेजों में पढ़ाई होने वाले कई ऐसे ब्रांच हैं जहां किसी छात्र का प्लेसमेंट नहीं हुआ है। डीएसटी (डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी) ने पिछले तीन वर्षों के दौरान हुए कैंपस प्लेसमेंट के ये आंकड़े जारी किया है।

कॉलेजों का प्लेसमेंट रिकॉर्ड (तीन सत्रों का औसत)

बीसीई बख्तियारपुर 34.32% आरआरएसटीसीई बेगूसराय 32.6% एमआईटी 18.4% बीसीई भागलपुर 13.75% जीसीई गया 9.63% डीसीई दरभंगा 10.22% एलएनजेपीआईटी छपरा 8.51% एमसीई मोतिहारी 17.67% एनसीई चंडी 11.92% एसआईटी सीतामढ़ी 15.5 %

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