सवा 3 कट्‌ठा जमीन में होना है निर्माण:रमना स्थित गया बाबू के मकान को अब तक नहीं बनाया जा सका है संग्रहालय, परिजनों ने कहा- सरकार ने अधिग्रहण कर छोड़ दिया

मुजफ्फरपुरएक वर्ष पहले
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  • चंपारण सत्याग्रह शताब्दी समारोह के दौरान किया गया था अधिग्रहण

रमना स्थित गया बाबू के मकान को सरकार द्वारा अधिग्रहण किए जाने के बावजूद अब तक संग्रहालय के रूप में पुनरुद्धार नहीं किया जा सका है। इससे उनके परिजन काफी नाराज हैं। गुरुवार को गया बाबू के पौत्र विधु शेखर सिंह ने कहा कि 1917 में चंपारण जाने के दौरान महात्मा गांधी उनके आवास पर 4 दिनों तक ठहरे थे।

इसको लेकर राज्य सरकार ने चंपारण सत्याग्रह शताब्दी समारोह के दौरान उनके मकान का अधिग्रहण कर संग्रहालय बनाने की बात कही थी। लेकिन अब तक संग्रहालय नहीं बन पाया है। ऐसे में शुक्रवार को 2 अक्टूबर को वे लोग सिर्फ बापू के चित्र पर माल्यार्पण कर ही औपचारिकता पूरी करेंगे।

गया बाबू के पौत्र विधु शेखर सिंह ने बताया कि राज्य सरकार के निर्णय के बाद उनका पैतृक आवास जो सवा 3 कट्ठा में अवस्थित है, को सरकार के नाम 7 अक्टूबर 2019 को रजिस्ट्री कर दी गई। इसके बदले में सरकार से उन लोगों को मुआवजा मिल चुका है। इस जमीन पर सरकार ने संग्रहालय बनाने का निर्णय लिया था।

इसके लिए कला संस्कृति एवं युवा विभाग द्वारा एक करोड़ 73 लाख रुपए आवंटित कर दिया गया। लेकिन अब तक प्रशासन द्वारा कोई भी काम शुरू नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन डीएम आलोक रंजन घोष ने उनके पैतृक आवास पर गांधी संग्रहालय बनाने को लेकर कई बार मीटिंग थी। लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद कोई मीटिंग नहीं हुई।

सत्य के आग्रह का सफल प्रयोग कर गांधी जी ने चंपारण में नील आंदोलन को जीता : मृदुला सिन्हा

बिहार का गौरवशाली इतिहास रहा है। गांधीजी ने चंपारण आकर नील आंदोलन की इतनी बड़ी क्रांति को अपने सत्य के आग्रह यानि सत्याग्रह के सफल प्रयोग से जीता। उनके आने से बिहार के स्वतंत्रता आंदोलन को भी दिशा मिली। उस आंदोलन की सफलता से उनका भी आत्मविश्वास बढा।

ये बातें पूर्व राज्यपाल तथा जानी मानी कवियित्री व साहित्यकार मृदुला सिन्हा ने गुरुवार को बिहार स्वाभिमान आंदोलन द्वारा गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित वर्चुअल परिचर्चा में कहीं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के नव रत्न के रूप में जब वो रहीं तो उन्होंने गांधी को जानो और मानो कार्यक्रम शुरू किया।

आकाशवाणी समाचार प्रभाग से जुड़ी अलका सिंह ने कहा कि राज कुमार शुक्ल ने उन्हें चंपारण बुलाया फिर राष्ट्रीय फलक पर गांधी का यश बढ़ने लगा। कार्यक्रम का संचालन किसान नेता नीरज नयन ने किया। यह जानकारी बिहार स्वाभिमान आन्दोलन के संयोजक रंगीश ठाकुर ने दी।

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