बगलामुखी सिद्धिपीठ में मां की आराधना:गुप्त नवरात्रि का हर दिन कल्याणकारी; दही, हल्दी और दुभी चढ़ाने की है परंपरा

मुजफ्फरपुर7 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
मंदिर में पूजा अर्चना करते पंडित। - Dainik Bhaskar
मंदिर में पूजा अर्चना करते पंडित।

मुजफ्फरपुर शहर के प्रसिद्ध मां बगलामुखी सिद्धिपीठ में मां की आराधना की गई। मंदिर के महंत देवराज ने बताया कि अभी गुप्त नवरात्र चल रहा है जिसमें दस महाविधा की पूजा होती है। साथ ही आज मां के मस्तक पर चंद्र चंद्रघंटा स्वरूप की पुजा आराधना जग कल्याण के लिए की जाती है। गुप्त नवरात्री का हर दिन कल्याणकारी होता है। बताया कि हरेक गुरूवार को यहां विशेष भीड़ होती है। आनेवाला गुरुवार नवमी भी है। इसलिए इस दिन मंदिर में माता की विशेष पुजा होगी साथ ही मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों और अत्याधुनिक लाइट से सजाया जायेगा।

उन्होंने बताया कि यह मंदिर बगलामुखी सिद्धपीठ पितांबरी है। यहां लोगों की हर मुराद पुरी होती है। यहां दही-हल्दी और दुभी चढाने की परंपरा है। खासकर गुरूवार को दूसरे जिलों से भी श्रद्धालु माता का दर्शन करने आते है। मंदिर में दो बड़े-बड़े हवन कुंड है। जिसमें प्रायः हवन-यज्ञ होते रहते है।

मंदिर परिसर मे शव-रूढा अर्थात श्मशान वासिनी काली, दक्षिणेश्वरी काली भी मौजूद है। साथ ही मां दुर्गा के सातों बहिनिया पींडी रूप मे मौजूद है। वही मां तारा और मां त्रिपुरसुंदरी, हनुमान जी और भैरव बाबा भी मौजूद है। गर्भगृह में मां का श्रीयंत्र है जिसकी विशेष पूजा कि जाती है।। मंदिर के छत पर श्रीगणेश की अलौकिक मूर्ति है जो लोगो का ध्यानाकृष्ट कराती है।

इस दौरान पंडित अखिलेश झा, पंडित रंजय झा, अविनाश शुक्ला, पंकज भट्ट, विनोद श्रीवास्तव, संतोष कुमार सिन्हा, करण श्रीवास्तव, उमा पोद्दार, प्रभात कुमार सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।