4 लोगों की मौत पर मानवाधिकार आयोग ने मांगी रिपोर्ट:मुजफ्फरपुर के DM-SSP से 13 दिसम्बर तक मांगा गया जांच प्रतिवेदन, अगलगी में झुलसकर हुई थी 3 बच्चों और मां की मौत

मुजफ्फरपुर2 महीने पहले
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मानवाधिकार आयोग ने DM-SSP से 13 दिसम्बर तक जांच प्रतिवेदन मांगा है। - Dainik Bhaskar
मानवाधिकार आयोग ने DM-SSP से 13 दिसम्बर तक जांच प्रतिवेदन मांगा है।

मुजफ्फरपुर के मीनापुर थाना क्षेत्र के नन्दना गांव में गैस रिसाव से आग लगने से झुलसकर तीन मासूम बच्चों और उसकी मां की मौत में मानवाधिकार आयोग ने रिपोर्ट मांगी है। DM-SSP से 13 दिसम्बर तक की इस मामले में कई गयी कार्रवाई से अवगत कराते हुए जांच प्रतिवेदन मांगा गया है। बता दें कि 13 सितम्बर को खाना बनाने के दौरान सिलेंडर में आग लगी थी। देखते-देखते आग इतनी भयंकर हो गयी कि किसी को भागने का मौका तक नहीं मिला। तीन मासूम संग उसकी मां गम्भीर रूप से झुलस गयी थी। इसमें चारों की मौत SKMCH में हो गयी। मृतकों में अशोक साह की पत्नी शोभा देवी, बेटी दीपांजलि (5), पुत्र अजित (4) और विवेक (2) थे।

इस घटना के बाद मानवाधिकार मामले के अधिवक्ता SK झा ने मानवाधिकार आयोग में याचिका दायर की थी। इसमें गैस कम्पनी पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने की मांग की थी। अधिकवक्ता ने कहा कि घटना को एक माह बीतने को आये। लेकिन, अबतक पीड़ित परिवार को मुआवजा नहीं मिला है। यह काफी दुखद है। इसी याचिका के आलोक में DM-SSP से रिपोर्ट मांगी गई है।
90 फीसद जल चुके थे बच्चे

बता दें कि जिस समय शोभा देवी गैस पर खाना बना रही थी। तीनों बच्चे भी वहीं पर बैठे हुए थे। अचानक से जब आग लगी तो किसी को भागने का मौका नहीं मिल सका। जब गम्भीर हालत में सभी को SKMCH ले जाया गया तो डॉक्टर ने बच्चों को मृत घोषित कर दिया था। बताया गया था कि बच्चे 90 फीसदी से अधिक जल चुके थे, जबकि तीन घंटे तक ज़िंदगी मौत से जूझने के बाद मां ने भी दम तोड़ दिया था। वह भी करीब 80 फीसदी जल गई थी।

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