समाधान का प्रयास:15 दिनाें में 1200 रुपए क्विंटल तक बढ़ गई आलू की थाेक कीमत, बुवाई तक पर संकट

मुजफ्फरपुरएक महीने पहलेलेखक: अरविंद कुमार
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आलू की थाेक कीमत 15 दिनाें में एक हजार से 1200 रुपए प्रति क्विंटल तक बढ़ गई है। - Dainik Bhaskar
आलू की थाेक कीमत 15 दिनाें में एक हजार से 1200 रुपए प्रति क्विंटल तक बढ़ गई है।

आलू की थाेक कीमत 15 दिनाें में एक हजार से 1200 रुपए प्रति क्विंटल तक बढ़ गई है। अहियापुर स्थित बाजार समिति और गाेला राेड स्थित थाेक मंडी में स्टाॅक खत्म हाेने की बात कही गई है। पुराना आलू का स्टाॅक खत्म हाेने और नई फसल बाजार में नहीं आने से उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल से भी आलू नहीं आ रहा है। दाे सप्ताह पहले तक 1200 रुपए क्विंटल थाेक बिका आलू शुक्रवार काे 2200 से 2400 रुपए क्विंटल तक बताया गया।

यदि नए आलू की आवक नहीं हुई, ताे अगले सप्ताह कीमत और बढ़ सकती है। सूबे के डिप्टी डायरेक्टर (आलू) पवन कुमार ने उद्यान अधिकारियों काे स्थानीय थाेक विक्रेताओं से संपर्क कर पटना और आसपास के क्षेत्रों में बुवाई के लिए आलू उपलब्ध कराने काे कहा है। कुल मिला कर उत्तर बिहार के साथ पटना और आसपास के जिलाें में आलू बुवाई पर भी संकट है। उल्लेखनीय है कि बीते साल तक नवंबर शुरू में ही यूपी और पंजाब से नया आलू आ जाता था। इससे पुराने आलू की कीमत कम हाे जाती थी।

इस साल स्थानीय व्यापारियों और किसानों ने इसी वजह से पुराना स्टाॅक पहले निकाल दिया। सकरा के आलू किसान अवनीश कुमार ने कहा कि दशहरा के बाद ही बीज के लिए 10 क्विंटल आलू रख सारा स्टाॅक 1100 रुपए क्विंटल बेच दिया। अब दाे दिनों से स्थानीय व्यापारी औैर आलू मांग रहे हैं। कुछ किसानों ने खेत सूखा नहीं हाेने के कारण कोल्ड स्टोरेज में बीज का आलू बचा रखा है।

उम्मीद के साथ आशंका भी : अगले सप्ताह तक नहीं बढ़ी नई फसल की आवक तो कीमत में और भी आ सकता है उछाल

काेल्ड स्टोरेज में केवल 25 फीसदी आलू, विभाग कर रहा मांग
गिरधारी कोल्ड स्टोरेज के प्रोपराइटर राजू कुमार ने बताया कि अभी स्टाेर में क्षमता 25 प्रतिशत आलू है। किसान अपने आलू बुवाई के लिए रखे हैं। इसे कोल्ड स्टोरेज संचालक नहीं बेच सकते। रिटायर्ड जिला उद्यान अधिकारी नागेश्वर ठाकुर ने बताया कि डिप्टी डायरेक्टर पाेटैटाे पवन कुमार के निर्देश पर थाेक विक्रेताओं से संपर्क किया है। उन्होंने पटना और आसपास के जिलों में बुवाई के लिए भी थाेक विक्रेताओं से संपर्क किया जा रहा है।

अब उत्तर प्रदेश से नाम मात्र के लिए आ रही आलू खेप
बाजार समिति में आलू-प्याज के थाेक व्यापारी नवीन चौधरी ने कहा कि तीन दिनों से बाहर से आलू आना एकदम बंद है। केवल यूपी से काफी कम मात्रा में आलू आया है। पंजाब में अंतिम समय में बारिश के कारण दाे-तीन बुवाई के बाद भी आलू की फसल बर्बाद हाे गई। यह भी कीमत बढ़ने और किल्लत की वजह है। दक्षिण बिहार मे बुवाई के लिए आलू की डिमांड भी बढ़ी है।

लेकिन, वहां भी बीज का संकट है। प्रगतिशील किसान भोलानाथ झा ने बताया कि लेट से बुवाई करने पर आलू उत्पादन में कमी और लागत में वृद्धि हाे जाती है। किसानों काे दाेहरा नुकसान हाेता है। क्याेंकि, लेट वेरायटी में झुलसा राेग आदि का अधिक प्रकोप हाेता है। उपभाेक्ताओं काे पंजाब से यदि छठ के बाद नया आलू आया, तभी थाेड़ी राहत संभव है।

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