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राहत:बूढ़ी गंडक और गंडक के जलस्तर में वृद्धि थमी, लेकिन बागमती में जारी है बढ़ोतरी, बारिश को देखते हुए अलर्ट

मुजफ्फरपुरएक महीने पहले
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बूढ़ी गंडक नदी के जलस्तर में लगातार 5 दिनों से जारी वृद्धि का दौर बुधवार को थम गया। इसके कारण शहर के सिकंदरपुर स्थित झील नगर मोहल्ले के लोगों ने राहत की सांस ली। जिले से गुजरने वाली बूढ़ी गंडक तथा गंडक नदी का जलस्तर स्थिर होने के बाद बागमती नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि शुरू हो गई है। हालांकि, सभी नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। नेपाल समेत बागमती बेसिन में 24 घंटे बाद अत्यधिक बारिश की संभावना के बीच बुधवार से ही बागमती के जलस्तर में तेजी से वृद्धि शुरू हो गई है।

बुधवार को बाल्मीकि नगर गंडक बराज से गंडक नदी में 104400 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बावजूद इसके गंडक नदी का जलस्तर जिले के रेवा घाट में 53.07 मीटर पर स्थिर है। बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर शहर के सिकंदरपुर में खतरे के निशान से ढाई मीटर नीचे पहुंचकर थम गया है। लगातार जारी वृद्धि के थम जाने से बांध के भीतर बसे मोहल्ले तथा घरों के लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, आगे अत्यधिक बारिश की संभावना की जानकारी के बाद लोगों में दहशत का माहौल है। बागमती नदी का जलस्तर कटौझा में खतरे के निशान से नीचे 44.36 मीटर पर पहुंच गया है। नदी के जलस्तर में वृद्धि जारी है। आगे बागमती बेसिन में अत्यधिक बारिश की संभावना को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने अभियंताओं को अलॉट करते हुए तटबंध पर विशेष चौकसी का निर्देश दिया है।

औराई के विशनपुर में लखनदेई के तटबंध में रिसाव, नए इलाकों में फैल रहा पानी, दहशत

औराई से गुजरने वाली लखनदेई नदी के बिशनपुर गांव स्थित तटबंध में रिसाव होने से दर्जन भर पंचायताें के किसानों में दहशत व्याप्त हो गया है। उक्त स्थान पर गत वर्ष भी करीब 100 मीटर में तटबंध टूट गया था। बोरी में सैंड रखकर जैसे-तैसे भरा गया था। सामाजिक कार्यकर्ताओं व किसानों के बार-बार कहने के बावजूद  प्रशासनिक पदाधिकारियों ने इस वर्ष तटबंध की मरम्मत नहीं कराई, जिस कारण एक बार फिर उक्त स्थान पर पानी का रिसाव शुरू हो गया है। अगर जलस्तर में और बढ़ोतरी होती है तो तटबंध के फिर से टूटने की प्रबल संभावना है।   पानी का रिसाव होने से प्रखंड की औराई, खेतलपुर, रतवारा पूर्वी, रतवारा पश्चिमी, राजखंड उत्तरी, राजखंड दक्षिणी, भलूरा, रामपुर, सिमरी आलमपुर, बिशनपुर गोकुल समेत दर्जनभर पंचायताें के किसान समेत आमजनों में भय है। तटबंध में रिसाव होने से पानी औराई के चौर से निकल कर महेश स्थान चौर में गिरने लगा है। किसान अंजनी यादव, मो. बाबर अलीमी, श्याम राय, गणेश सिंह ने बताया कि किसानों के बार-बार कहने के बावजूद तटबंध की मरम्मत नहीं कराई गई। सीअाे ज्ञानंद कुमार ने बताया कि बांध की स्थिति से जिला प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है। आगे की कार्रवाई जल संसाधन विभाग को करना है। इधर, बागमती के जलस्तर में पिछले 24 घंटे में वृद्धि दर्ज की गई है। कटौझा में बागमती का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 1 मीटर ऊपर है। आगे भी वृद्धि का अनुमान बताया गया है।

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