नगर आयुक्त को लिखा पत्र:मोतीझील व कल्याणी में घुटने भर जलजमाव कालीबाड़ी रोड में बदबू से निकलना मुश्किल

मुजफ्फरपुर3 महीने पहले
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मिठनपुरा चाैक पर जलजमाव। - Dainik Bhaskar
मिठनपुरा चाैक पर जलजमाव।
  • पानी जमा होने से परेशानी पर पूर्व पार्षद व स्थानीय लोगों ने नगर आयुक्त को लिखा पत्र

शनिवार की अलस्सुबह हुई बारिश का पानी अभी ठीक से निकला भी नहीं था कि दोपहर में फिर झमाझम बारिश हो गई। इस कारण रात तक मोतीझील, कल्याणी समेत शहर के कई इलाकों में जलजमाव रहा। कल्याणी चौक से टाउन थाना होते धर्मशाला तक घुटना भर तक जलजमाव हो गया। शहर के बाकी इलाकों में भी जितना पानी कम हुआ था, उससे ज्यादा पानी बारिश के बाद जमा हो गया।

कालीबाड़ी रोड में पानी भरने के बाद बदबू की वजह से लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया। पूर्व वार्ड पार्षद विजय झा समेत अन्य पार्षदों ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर कहा है कि कालीबाड़ी रोड के लोग घर नहीं निकल रहे हैं। अघोरिया बाजार, सादपुरा, मिठनपुरा, बालू घाट, सिकंदरपुर, ब्रह्मपुरा संजय सिनेमा रोड, बीबीगंज, भगवानपुर इलाके में भी जलजमाव की समस्या से लोगों को जूझना पड़ा। दूसरी ओर सिटी मैनेजर ओम प्रकाश के नेतृत्व में बेला मिठनपुरा इलाके में कई जगह नाला और रोड काट कर पानी बहाया गया।

इधर, बूढ़ी गंडक का जलस्तर बढ़ा तो गंडक का अभी स्थिर
जिले से गुजरने वाली गंडक, बूढ़ी गंडक और बागमती नदी के जल ग्रहण क्षेत्र में शनिवार काे फिर बारिश हुई। इससे बाल्मीकि नगर स्थित गंडक बराज से दोपहर में 106600 क्यूसेक पानी छाेड़ा गया। शनिवार को शहर से गुजरने वाली बूढ़ी गंडक के जलस्तर में 25 सेंटीमीटर वृद्धि हुई, लेकिन नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान से 2.2 मीटर नीचे है।

वहीं, दोपहर बाद तक बागमती के जलस्तर कटौझा एवं बेनीबाद में स्थिर रहने के बाद इसमें मामूली कमी आई। गंडक का जलस्तर दूसरे दिन भी स्थिर रहा। बारिश से जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगाें की परेशानी फिर बढ़ी है। खासकर बागमती, गंडक और बूढ़ी गंडक के साथ बागमती की पुरानी धारा के किनारे के गावों के लोग अधिक परेशान हैं।

बागमती के जलस्तर में उतार-चढ़ाव से औराई, कटरा एवं गायघाट प्रखंड के बाढ़ पीड़ितों की परेशानी बढ़ी है। हालांकि, बूढ़ी गंडक के जलस्तर में अरसे बाद बढ़ोतरी से शहर के आसपास के क्षेत्रों के लोगों की परेशानी बढ़ने की संभावना है।

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