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नहीं मिल रही खाद:जिले में डीएपी की कमी, पिछड़ रही रबी की बुआई; लेट बुआई होने से अधिक सिंचाई के बाद भी रबी फसलों का उत्पादन होगा कम

मुजफ्फरपुर2 महीने पहले
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खाद नहीं मिलने से जिले के किसान हैं परेशान - Dainik Bhaskar
खाद नहीं मिलने से जिले के किसान हैं परेशान

डीएपी खाद के अभाव में जिले में रबी फसलों की बुआई पिछड़ रही है। पहले तो इस वर्ष जिले में सामान्य से डेढ़ गुना अधिक बारिश के कारण खेत देरी से सूखे। अब सूखने के बाद किसानों को खाद नहीं मिल रही है। अधिक दाम देने तथा कृषि अधिकारियों की पैरवी के बाद भी दुकानदार खाद नहीं हाेने की बात कह रहे हैं। काफी मशक्कत के बाद अपने खेतों की जुताई करने के बाद भी बुआई के लिए खाद के इंतजाम में किसान दुकान-दुकान मारे-मारे फिर रहे हैं। अत्यधिक जलजमाव के कारण अन्य वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष खेतों काे तैयार करने के लिए किसानों काे दाे से तीन बार अधिक खेतों की जुताई करनी पड़ रही है।

खेत तैयार हाेने के बाद बुआई के पहले डालने के लिए खासकर डीएपी नहीं मिल रहा है। कथैया के किसान उपेंद्र सिंह, मीनापुर के मझाैलिया के मनाेज कुमार ने बताया कि दुकानदार डीएपी नहीं उपलब्ध हाेने की बात कह रहे हैं। डीएपी नहीं हाेने से अब किसान कैसे रबी फसलाें की बुआई करें।

आलू और मक्के के बाद जिले में गेहूं की बुआई हो गई है पूरी तरह प्रभावित

डीएपी उपलब्ध कराने के लिए भेजा त्राहिमाम संदेश
डीएओ शिलाजीत सिंह के अनुसार, रबी सीजन में 50 हजार एमटी यूरिया के बदले अबतक 16745 एमटी तथा 14 हजार एमटी डीएपी के बदले 8633 एमटी डीएपी ही जिले को उपलब्ध कराया गया है। हालांकि, बाेचहां, औराई समेत कुछ प्रखंडों के दुकानदारों के पास अभी 1360 एमटी डीएपी बचा हुआ है। डीएम के माध्यम से विभाग काे डीएपी उपलब्ध कराने के लिए त्राहिमाम संदेश भेजा गया है। चार दिनों में इफ्काे समेत अन्य कंपनियों का डीएपी मिलने की उम्मीद है।

जिले के 1.43 लाख हेक्टेयर में गेहूं ताे 20 हजार हेक्टेयर में मक्के की हाेती है खेती
जिले के 143802 हेक्टेयर में गेहूं तथा 19464 हेक्टेयर में मक्का की खेती का लक्ष्य निर्धारित है। कृषि विभाग की अनुशंसा के अनुसार, गेहूं की बुआई के समय प्रति हेक्टेयर 130 किलाे यूरिया, 80 किलाे डीएपी तथा 67 किलाे पाेटाश का उपयोग हाेता है। इसके उपरांत गेहूं की दाे सिंचाई के बाद 130 किलाे यूरिया का छिड़काव किया जाता है।

एक माह बाद भी नहीं हाे रही मक्के की राेपाई, गेहूं की बुआई भी हाे चुकी है लेट
जिले में 15 अक्टूबर से 7 नवंबर तक मक्के की बुआई पीक पर हाेती है। इसके अलावा नवंबर के पहले सप्ताह से दिसंबर के पहले सप्ताह गेहूं की बुआई हाेती है। लेकिन, एक माह लेट से भी मक्के की बुआई नहीं हाे रही है। इसके साथ ही लेट हाेने के बाद भी गेहूं की बुआई खाद के अभाव में प्रभावित है।

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