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बेबसी:परदेस से लाैटे अपने शहर में फंसे कंधे पर सामान लेकर भटकते रहे, नहीं मिल रहीं गाड़ियां

मुजफ्फरपुरएक महीने पहले
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  • मुजफ्फरपुर से 1300 की जगह चल रहीं महज 70 बसें

दिल्ली, महाराष्ट्र, काेलकाता, असम आदि शहराें से लाैटने वाले परदेसी अपने शहर में पहुंचकर फंस गए हैं। मुजफ्फरपुर से ग्रामीण इलाके या सीतामढ़ी व अन्य शहराें में जाने वाले लोगों काे बस या अन्य गाड़ियां नहीं मिल पा रही हैं। कई लोग तो पैदल ही गांव के लिए निकल गए। जीराेमाइल, बैरिया, भगवानपुर चाैक पर बड़ी संख्या में परदेस से आए यात्री गाड़ी पकड़ने के लिए गुरुवार को दिन भर भटकते रहे। इन यात्रियाें की मदद के लिए प्रशासनिक स्तर पर भी काेई व्यवस्था नहीं की गई है।

कंधे पर बैग, झाेला व अन्य सामान लेकर लाेग शहर की सड़काें पर भटक रहे हैं। कटरा के उमेश कुमार ने बताया कि गांव के आठ आदमी जीरोमाइल चौक के पास सिर और कंधे पर बैग, झोला व अन्य सामान लेकर गाड़ी पकड़ने के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। सभी अवध-असम एक्सप्रेस से जंक्शन पर उतरे हैं। परदेस से लाैटकर किसी तरह अपने शहर में आ गए लेकिन अब यहां से गांव जाने के लिए कोई वाहन नहीं मिल रहा है। न काेई बस चल रही है और न ऑटाे व अन्य गाड़ियां। बैरिया बस स्टैंड में बसें खड़ी हैं लेकिन सवारियों काे नहीं बैठाया गया। जंक्शन से कंधे पर सामान लाद कर लाेग जीरोमाइल चाैक पहुंचे हैं। उमेश ही नहीं सीतामढ़ी के नारायण राय पूरे परिवार के साथ गाड़ी पकड़ने के लिए परेशान हैं।

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