सरकार को कार्रवाई के लिए लिखा पत्र:मेयर को यूजर चार्ज का विरोध पड़ सकता महंगा, राजस्व वसूली में व्यवधान डालने पर सरकार को कार्रवाई के लिए लिखा पत्र

मुजफ्फरपुरएक महीने पहले
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यूजर चार्ज, वाटर चार्ज व ट्रेड लाइसेंस वसूली का विरोध करना मेयर को महंगा पड़ सकता है। - Dainik Bhaskar
यूजर चार्ज, वाटर चार्ज व ट्रेड लाइसेंस वसूली का विरोध करना मेयर को महंगा पड़ सकता है।

यूजर चार्ज, वाटर चार्ज व ट्रेड लाइसेंस वसूली का विरोध करना मेयर को महंगा पड़ सकता है। मंगलवार को नगर आयुक्त विवेक रंजन मैत्रेय ने मेयर राकेश कुमार पिंटू को पत्र लिखकर कहा कि राजस्व वसूली में व्यवधान डालने पर सरकार को कार्रवाई के लिए पत्र लिखने की मजबूरी होगी। नगर निगम बोर्ड में कोई ऐसा फैसला नहीं लिया जाए जिससे नगर निगम के राजस्व को नुकसान पहुंचे।

मेयर को लिखे पत्र में नगर आयुक्त ने कहा है कि बिहार नगर पालिका अधिनियम के तहत ट्रेड लाइसेंस की वसूली हो रही है। नगर विकास एवं आवास विभाग के आदेश पर ठोस अपशिष्ट के तहत यूजर चार्ज की वसूली की जा रही है। बिहार नगर पालिका एक्ट के प्रावधान के तहत वाटर चार्ज लिया जा रहा है। मीडिया से ऐसी जानकारी मिली है कि आपके द्वारा मकान मालिकों को इस तरह का टैक्स देने से रोका जा रहा है।

शहर में राजस्व वसूली करने वाले तहसीलदारों द्वारा भी इसकी जानकारी दी गई है। तहसीलदारों व निगम कर्मियों को सुरक्षा प्रदान करना भी नगर निगम का दायित्व बनता है। टैक्स वसूली को लेकर मीडिया में बयान भी दिया जा रहा है। इससे नगर निगम के राजस्व का नुकसान होगा। वहीं, मेयर का कहना है कि जब तक सभी घरों में पानी नहीं पहुंचा दिया जाता है, वाटर टैक्स नहीं लेना चाहिए। यूजर चार्ज भी तब तक नहीं लेना चाहिए, जब तक पूरी सुविधा नहीं प्रदान की जा रही। नगर निगम बोर्ड ने यूजर चार्ज व वाटर चार्ज रोकने का फैसला लिया है।

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