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  • Now The Health Department Admitted That 589 Died In The District Due To Corona; Earlier The Figure Was Only 209, The Revised List Was Sent To The Government

मौत में हेराफेरी!:अब स्वास्थ्य विभाग ने माना कि कोरोना से जिले में हुई 589 की मौत; पहले सिर्फ 209 था आंकड़ा, संशोधित सूची सरकार को भेजी

मुजफ्फरपुर10 दिन पहले
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  • सिविल सर्जन ने कहा- अस्पतालों व परिजनों के दावे-प्रमाणपत्र के आधार पर मृतकों की संख्या में हो सकती है और बढ़ोतरी, ऑडिट टीम अब भी काम कर रही
  • भेजी गई सूची के अनुसार 319 ने निजी और 270 लाेगाें ने सरकारी अस्पताल में तोड़ा दम

स्वास्थ्य विभाग ने जिले के काेराेना मृतकाें की संशाेधित सूची सरकार काे भेजी है। इसमें निजी अस्पतालाें के मृतकाें काे भी शामिल किया गया है। संशाेधित सूची के अनुसार दूसरी लहर में जिले में काेराेना से 589 लोगों की माैत हुई जिनमें 319 ने निजी और 270 लाेगाें ने सरकारी अस्पताल में दम ताेड़ा।

सीएस डाॅ. एसके चौधरी ने बताया कि शनिवार को सरकारी व निजी अस्पताल में काेराेना से मरनेवालाें की समीक्षा की गई। जब तक कोरोना मरीजाें की संख्या जीरो नहीं होगी, तब तक हर सप्ताह सरकार को माैत के आंकड़े की भी रिपोर्ट भेजी जाएगी। उन्हाेंने बताया कि अस्पतालाें में काेराेना से मृत लाेगाें की संख्या की जांच के लिए टीम बनी थी। टीम ने अस्पताल में जाकर अध्ययन किया। शनिवार को ऑडिट टीम की रिपाेर्ट के आधार पर संशोधित सूची भेजी गई है। आगे भी जांच व रिपोर्ट भेजी जाएगी। बता दें कि सीएस ने इसके पहले एसकेएमसीएच में 209 व 4 निजी अस्पतालाें में 14 लोगों की काेराेना से माैत हाेने की पहली सूची सरकार को भेजी थी।

जिले में साप्ताहिक औसत मृत्यु दर 1.3 फीसदी पर आई

दूसरी ओर, जिले में माैत की औसत साप्ताहिक दर अब 1.3% पर आ गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के अनुसार साप्ताहिक डेथ रेट 5% से कम रहने वाले शहर अनलॉक किए जा सकते हैं। यदि सब कुछ ठीक-ठाक रहा और सरकार चाहेगी, ताे आठ जून के बाद मुजफ्फरपुर को अनलॉक करने की कवायद हाे सकती है।

सभी निजी अस्पतालाें में मरनेवालाें के परिजन से डेथ सर्टिफिकेट मांगा

सीएस ने कहा कि इस बार काेराेना के इलाज के लिए सरकार के पैनल में 14 निजी अस्पतालाें को शामिल किया गया था। लेकिन, इनके अलावा कई अन्य निजी अस्पतालाें में भी काेराेना मरीजों का इलाज किया गया। सीएस ने लाेगाें से अपील की है कि किसी भी निजी अस्पताल में इलाज के दौरान काेराेना से मौत हुई है तो उनके परिजन कोरोना रिपोर्ट व मृत्यु प्रमाणपत्र के साथ सीएस कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। उस रिपोर्ट को जांच कर सरकार के मृतक पैनल में शामिल कर रिपोर्ट दे दी जाएगी।

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