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लापरवाही का खामियाजा:समय पर परीक्षा, रिजल्ट नहीं होने से डेढ़ लाख छात्र बीपीएससी, नेट, बीएड, जेआरएफ से वंचित

मुजफ्फरपुर21 दिन पहलेलेखक: शिशिर कुमार
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बिहार विश्वविद्यालय की लापरवाही का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। समय पर परीक्षा व रिजल्ट नहीं होने से विवि के करीब डेढ़ लाख छात्र-छात्राएं विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने से वंचित हो गए। इससे छात्रों में न सिर्फ आक्रोश है, बल्कि उनमें अपने कॅरियर को लेकर चिंता गहराने लगी है।

स्नातक पार्ट वन के छात्रों का सेशन तो दो साल पिछड़ गया है, जबकि सत्र 2018-21 के स्नातक पार्ट टू का सेशन एक साल पीछे है। इसी तरह पीजी की परीक्षा भी समय से नहीं होने छात्रों का भविष्य अधर में है। ये छात्र बीएड, बीपीएससी, नेट, जेआरएफ सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षा के लिए आवेदन नहीं कर पाए।

परीक्षा लेट प्रभावित छात्र
स्नातक पार्ट-1 2019 2 साल 1.25 लाख
स्नातक पार्ट-1 2020 तय नहीं 1.08 लाख
स्नातक पार्ट-3 1 साल 1.16 लाख
पीजी 2018-20 1 साल 5 हजार
पीजी 2019-21 1 साल 5 हजार
वोकेशनल कोर्स 2019 1 साल 8 हजार
वोकेशनल कोर्स 2020 तय नहीं 8 हजार

कोरोना के कारण कई परीक्षाएं लंबित हुई हैं। अब सभी परीक्षाओं का शेड्यूल बन रहा है। ओएमआर पर परीक्षा लेकर जल्द रिजल्ट जारी किए जाएंगे।
-डॉ. अजीत कुमार, प्रॉक्टर, बिहार विवि

तीसरे साल भी फर्स्ट ईयर में ही छात्र : स्नातक पार्ट-2019 सत्र के छात्र तीसरे साल भी फर्स्ट ईयर में ही हैं। इस बीच दो साल जूनियर 2020 और 21 के प्लस-टू पास छात्र भी उनके साथ आ गए। परीक्षा नहीं होने से वे पार्ट वन में ही हैं। मार्च में इनका एग्जाम हो जाता, लेकिन बिना मान्यता वाले 18 कॉलेजों की परीक्षा रुकने से इन सभी की परीक्षा रोक दी गई।

स्नातक छात्र बोले : स्नातक पार्ट थ्री का सेशन समय पर होने से इसके छात्र इस साल बीएड, एलएलबी, बीपीएससी कर सकते थे। एलएस कॉलेज के छात्र राकेश कुमार ने कहा कि इस विवि में अब पढ़ाई करते हुए भविष्य को लेकर कोई प्लान नहीं कर सकते।

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