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साइबर फ्रॉड:हमारा-आपका खाता सेफ नहीं,खाते से लिंक मोबाइल नंबर पर रुपए की निकासी का मैसेज आता भी नहीं

मुजफ्फरपुर25 दिन पहले
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साइबर फ्राॅड के शातिराें ने लीची अनुसंधान केंद्र में कार्यरत सुपरवाइजर सुधीर कुमार सिंह व उनकी पत्नी विभा सिंह के बैंक खाते से 1.94 लाख रुपए उड़ाए जाने में महत्वपूर्ण जानकारी बैंक से मिली है। महाराष्ट्र में 2100 से अधिक लाेगाें ने इनके खाते से भुगतान कर पाेर्टल पर गेम खेला। खाते से 1.94 लाख रुपए में अधिकांश निकासी गेम खेलने के लिए ही की गई है। दोनों का अलग-अलग खाता एसबीआई पक्कीसराय शाखा में है। दोनों खातों से ये भुगतान 1 से 9 जून के बीच हुआ है। सुधीर सिंह ने पक्की सराय स्थित एसबीआई शाखा से निकासी का ब्याेरा लेकर नगर थाने की पुलिस काे साैंपा है। यह भी बताया कि खाते से जुड़े उसके माेबाइल नंबर के एसएमएस काे ब्लाॅक कर दिया गया था। इसके कारण किसी भी निकासी का उन्हें मैसेज नहीं मिला। अब नगर थाने की पुलिस बैंक से जानकारी मांगी है कि अाखिर खाताधारक काे जानकारी दिए बगैर उनके एसएमएस काे ब्लाॅक कैसे किया गया। सुधीर सिंह ने इसमें बैंककर्मी पर भी संदेह जताया है। हालांकि, पुलिस इसमें साइबर हैकर की भी भूमिका मानकर चल रही है।

पुलिस काे बैंक के जवाब का इंतजार है। बता दें कि सुपरवाइजर सुधीर सिंह ने हेल्थ इंश्याेरेंस का एक चेक खाता से भुगातन के लिए निर्गत किया था। जिसमें उन्हें जानकारी मिली कि खाते से 1.94 लाख रुपए की अवैध निकासी कर ली गई है। तब उन्हाेंने इसकी एफअाईअार नगर थाने में दाे दिन पहले दर्ज कराई थी।

जानिए, क्या है सिम स्वैप
अगर आपके मोबाइल नेटवर्क का लंबे समय से सिग्नल न रहे तो तुरंत मोबाइल नेटवर्क अॉपरेटर से संपर्क करें। बैंक फ्रॉड करने वाले लोगों के अकाउंट में सेंध लगाने के लिए सिम स्वैप का सहारा ले रहे हैं। इसमें वे मोबाइल सेवा प्रदाता के माध्यम से आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर के लिए एक नया सिम कार्ड जारी करवा लेते हैं। नए सिम कार्ड की मदद से धोखेबाज आपके बैंक खाते के माध्यम से वित्तीय लेनदेन करने के लिए आवश्यक यूआरएन/ओटीपी और अलर्ट प्राप्त कर लेते हैं, जिसका वे गलत इस्तेमाल करते हैं और अकाउंट खाली कर देते हैं।

सिम स्वैप के जरिए ही रिटायर्ड कर्मी के उड़ाए थे 22.4 लाख

रिटायर्ड बीएसएनएल कर्मी रामदेव राम के खाते से 22.4 लाख रुपए की अवैध निकासी के मामले के मुख्य अाराेपी प्रभात रंजन की तलाश में नगर थाने की पुलिस ने अहियापुर के शहबाजपुर में छापेमारी की। प्रभात रंजन बीएसएनएल की फ्रेंचाइजी लिए है। वह मेडिकल चाैक पर प्रणव इंटर प्राइजेज नाम से रीचार्ज व सिम आदि दुकान चलाता है। पुलिस छानबीन में पता चला है कि बीएसएनएल की इसी फ्रेंचाइजी ने बीते 24 जून काे रामदेव राम के नाम के फर्जी आधार कार्ड पर उसके माेबाइल नंबर का दूसरा सिम लिया था। रामदेव राम का यह नंबर बैंक खाते से लिंक था। सिम लेकर उसे अाइडिया में पाेर्ट कर दिया। फिर 29 जून काे एक बार में 20 लाख रुपए और दूसरी बार में 2.4 लाख रुपए बेंगलुरु और प. बंगाल के खाते में स्थानांतरित कर दिया। फिर दाेनाें खाते से भी रुपए निकासी कर ली गई। इस तरह रामदेव के खाते से 22.4 लाख रुपए निकल गए और उन्हें पता भी नहीं चला।

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