जीवन रक्षक दवा की कमी:डायरिया का प्रकोप बढ़ा, ताे उजागर हुईं खामियां सदर अस्पताल व सेंट्रल गोदाम में स्लाइन भी खत्म

मुजफ्फरपुरएक महीने पहले
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सदर अस्पताल में भर्ती डायरिया से बीमार मरीज। - Dainik Bhaskar
सदर अस्पताल में भर्ती डायरिया से बीमार मरीज।
  • चिकित्सक ने सिविल सर्जन से तत्काल व्यवस्था करने की लगाई गुहार

शहरी क्षेत्र से देहात तक में डायरिया का प्रकोप बढ़ने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की खामियां भी उजागर हाेने लगी हैं। सदर अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग के सेंट्रल गोदाम में डायरिया से बचाव की आवश्यक दवा खत्म हैं। डायरिया या उल्टी दस्त के राेगियाें के इलाज के लिए जरूरी डीएनएस स्लाइन, लाेराजिपाम कम्पोजीशन वाली इंजेक्शन समेत कई आवश्यक दवा सदर अस्पताल और सेंट्रल गोदाम में नहीं है।

जबकि, सदर अस्पताल में डायरिया के 4 मरीज भर्ती हैं। अस्पताल के शिशु राेग विशेषज्ञ डाॅ. चिन्मय शर्मा ने सिविल सर्जन से तुरंत दवा व्यवस्था कराने काे गुहार लगाई है। हालांकि, डाॅ. चिन्मय की तत्परता से एक बच्चे की जान दवा खत्म रहने के बावजूद बच गई। बच्चे की हालात में काफी सुधार है। इधर, सिविल सर्जन ने अस्पताल प्रबंधन काे लाेकल खरीद के जरिए दवा उपलब्ध कराने काे कहा है। इस व्यवस्था के तहत 49 हजार रुपए तक की जरूरी दवा एक बार में खरीदी जा सकेगी। अब 24 घंटे में दवा उपलब्ध करा देने की बात कही गई है।

ऐसे हुआ मामले का खुलासा
उल्लेखनीय है कि कांटी से डायरिया पीड़ित एक बच्चे काे लेकर परिजन मंगलवार काे ही सदर अस्पताल के इमरजेंसी में पहुंचे। इलाज शुरू कर उसे वार्ड में भर्ती किया गया। बुधवार काे उसकी हालत गंभीर हाे गई। वार्ड में नर्स ने दवा खत्म हाेने की बात कह उसे एसकेएमसीएच रेफर करने की पर्ची बना दी। लेकिन परिजन इलाज कर रहे डाॅ. चिन्मय के रेफर करने बाद ही जाने की जिद करने लगे। नर्स ने जानकारी दी तो डाॅ. चिन्मय पहुंचे और इलाज शुरू किया। लाेराजिपाम समूह की लोपेज सुई के साथ डीएनएस स्टोर से मांगी। लेकिन, स्टोर में दवा नहीं मिली। फिर बाहर से दवा मंगवा मरीज की जान बचाई गई।

रूपौली में 4 नए मरीज, 26 को अस्पताल से छुट्टी

मुजफ्फरपुर/सरैया | सरैया के रूपौली गांव में गुरुवार काे तीसरे दिन भी डायरिया के 4 नए मरीज मिले। जिसमें दो बच्चे हैं। पीएचसी में भर्ती कर दोनों का इलाज किया जा रहा है। वहीं, बाकी दो मरीजों का ओपीडी में इलाज किया गया। इधर, मंगलवार काे डायरिया से बीमार हाेने के बाद पीएचसी में भर्ती हुए 26 मरीजों काे गुरुवार को स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया।

उधर, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव के डायरिया प्रभावित टोले में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया। इधर,रूपाैली में डायरिया का शिकार हाेने के बाद केजरीवाल व एसकेएमसीएच में भर्ती बच्चाें की स्थिति में काफी सुधार हाे रहा है। एसकेएमसीएच से दाे बच्चे डिस्चार्ज हुए। जबकि केजरीवाल से शुक्रवार काे सभी बच्चाें काे डिस्चार्ज किया जाएगा। इधर, पारू के धरफरी में डायरिया से एक बच्ची की माैत के बाद गुुरुवार काे पीएचसी से मेडिकल टीम ने गांव पहुंचकर जांच की।

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