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अव्यवस्था को उजागर करती तस्वीर:एसकेएमसीएच में कंधे पर ऑक्सीजन सिस्टम , आखिर सवाल सांस का

मुजफ्फरपुरएक महीने पहले
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  • रोगियों को यहां न स्ट्रेचर मिल पाता है और न ही ऑक्सीजन सिलेंडर ढोने के लिए ट्रॉली मिल पाती

उत्तर बिहार के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल एसकेएमसीएच में अव्यवस्था को उजागर करती यह तस्वीर गुरुवार की है। एसकेएमसीएच में कोविड डेडिकेटेड हॉस्पिटल बनाया गया है। यहां के प्रबंधन और प्रशासन का दावा है कि अस्पताल में सभी इंतजाम दुरुस्त हैं।

लेकिन, सच यही है कि रोगियों को यहां न स्ट्रेचर मिल पाता है और न ही ऑक्सीजन सिलेंडर ढोने के लिए ट्रॉली मिल पाती है। ट्रॉलीमैन तो कोरोना संक्रमण के दौर से पहले यानी आम दिनों में भी नदारद ही रहता था। ऐसे में गंभीर मरीजों को अस्पताल लाने वाले परिजन एंबुलेंस से उतारने के बाद या सीटी स्कैन आदि के लिए भी इसी तरह कंधे पर ऑक्सीजन सिलेंडर लिए साथ चलते हैं। आखिर सवाल सांस का है।

ट्रॉली नहीं मिलने पर मरीज को पैदल और कंधे पर ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर सीटी स्कैन के लिए जाना गंभीर मामला है। जांच के बाद दाेषियाें पर कार्रवाई की जाएगी।
-डाॅ. बीएस झा, अधीक्षक, एसकेएमसीएच

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