कम किराए का झांसा:यात्रीगण कृपया ध्यान दें... आपकी यात्रा अनसेफ है; क्याेंकि, जंक्शन पर बंद है प्रीपेड टैक्सी-पुलिस बस सेवा

मुजफ्फरपुर22 दिन पहले
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जंक्शन पर प्रीपेड ऑटो सेवा के लिए बनाया गया बूथ, जो अब बंद पड़ा है। - Dainik Bhaskar
जंक्शन पर प्रीपेड ऑटो सेवा के लिए बनाया गया बूथ, जो अब बंद पड़ा है।

लाेक आस्था के महापर्व छठ पर दूसरे राज्यों से घर आ रहे लाेगाें काे नशाखुरानी गिरोह के अपराधी लूट रहे हैं। मुजफ्फरपुर जंक्शन पर ट्रेन से उतरे यात्री नशाखुरानी गिरोह के अपराधियों के निशाने पर हैं। गिरोह के अपराधियों की ऑटाे और कार-टैक्सी वालाें से साठगांठ हाेती है। यात्रियों के ये घर तक कम किराए में ही पहुंचाने के नाम पर झांसे में लेते हैं। फिर उन्हें रास्ते में चाय-नाश्ता की दुकानों पर गाड़ी राेक खुद के साथ यात्रियों काे भी चाय पिलाते हैं।

इसके बाद गाड़ी घर के लिए स्टार्ट करते हैं। कुछ देर बाद यात्री बेहोश हाे जाता है। उसे दूसरे रास्ते पर ले जाकर सामान लूटने के बाद अपराधी सड़क किनारे फेंक देते हैं। बाद में हाेश में आने पर उसे वारदात के बारे में पता चलता है। उल्लेखनीय है कि दाे साल पहले नशाखुरानों के आतंक बढ़ने के बाद जंक्शन पर प्रीपेड टैक्सी सेवा शुरू हुई थी। यात्री यहां से गाडिय़ां बुक करा किराया जमा कर देते थे। गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर और चालक के फाेन नंबर के साथ यात्री का भी फाेन नंबर बूथ पर लिखा हाेता था। सवार काे सुरक्षित पहुंचा कर लाैटने के बाद वाहन चालक-मालिक काे पैसे मिलते थे।

तत्कालीन रेल एसपी बीएन झा ने सेवा शुरू कराई थी। लेकिन, सेवा अब बंद है। दूसरी ओर, दिवाली-छठ के दाैरान पुलिस ने भी जंक्शन से मुफ्त बस सेवा शुरू की थी। यह बस शहरी क्षेत्र के यात्रियों काे उनके घराें तक और दूसरे जिलों के यात्रियों काे बस स्टैंड तक पहुंचाती थी। तत्कालीन आईजी नैय्यर हसनैन खान की यह पहल थी। रात 8 से सुबह 6 बजे तक चलने वाली इस बस में महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती रहती थी। बस अब नहीं चलती है। नतीजा यह है कि पूजा में आ रहे परदेसियों की गाढ़ी कमाई के साथ अरमान भी नशाखुरानी गिरोह के अपराधी लूट ले रहे हैं।

रास्ते में चाय-नाश्ते के दौरान नशीला पदार्थ खिला देता है अपराधी
दाे दिन पहले शिवहर का एक यात्री अमृतसर से आई ट्रेन से जंक्शन पर उतरा। यहां ऑटाे किराया पर लिया। रास्ते में चाय पीने के लिए हाेटल में ऑटाे रुका। वहां उसे नशा खिला दिया और बेहोशी की हालत में पानापुर के समीप सड़क किनारे फेंक दिया। दरअसल, अपराधी रास्ते में हाेटल-ढाबे पर खाने-पीने काे रुकते है। वहां पानी, चाय या काेल्ड ड्रिंक्स में नशा मिला देते हैं।

फिर सुनसान जगह पर सामान और रुपए आदि लूट लेते हैं। गिरोह के शातिर रात में मुंबई, दिल्ली और अमृतसर आदि से आई ट्रेनाें से उतरे यात्रियों की टाेह लेते हैं। ये ऑटाे और चारपहिया गाड़ी वालाें के साथ प्रतीक्षालय या सर्कुलेकिंग एरिया में ही कम किराए पर घर पहुंचाने की बात कह गाड़ी में बैठा लेते हैं। फिर रस्ते में लूट लेते हैं।

अपराधियाें ने भी बदला ट्रेंड
आरपीएफ और जीआरपी के जागरूकता अभियान और सुरक्षा इंतजाम काे देख शातिरों ने लूटने का ट्रेंड बदल दिया है। पहले ट्रेन में ही अथवा जंक्शन पर यात्रियों काे नशीला पदार्थ दिया जाता था। अब ऑटाे या चारपहिया वाहन से कम रेट पर घर पहुंचाने के झांसे में रास्ते में लूट कर सड़क किनारे फेंक दिया जाता है। बीते 48 घंटे में दाे ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। पिछले सप्ताह भी सर्कुलेटिंग एरिया में एक यात्री काे नशा खिला लूटा गया था।

और इधर, जंक्शन पर आरपीएफ चला रहा है यात्रियों के लिए जागरूकता अभियान भी
जंक्शन पर आरपीएफ नशाखुरानी गिरोह से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चला रहा है। शाम 8 से 4 बजे सुबह तक जवान बैनर और पाेस्टर के साथ माइकिंग कर यात्रियों काे जागरूक कर रहे हैं। जीआरपी की 8 टीमें गाेरखपुर, बलिया और बरौनी में बाहर से आ रहे यात्रियों काे गिरोह से बचाने के लिए अभियान चला रही है।

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