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सदर अस्पताल:सुविधा 16 पैथोलॉजिकल जांच की, पर टेक्नीशियन नहीं रहने की बात कह भेज दिया जाता निजी लैब

मुजफ्फरपुर8 दिन पहले
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सदर अस्पताल में अभी 16 तरह की पैथोलॉजिकल जांच सुविधा उपलब्ध है। लेकिन कभी केमिकल खत्म होने, कभी ट्रेंड कर्मी के नहीं रहने, समय खत्म हो जाने या फिर अधिक लोड होने की बात कह कर मरीजाें काे निजी लैब भेज दिया जाता है। जाे जांच हाेती भी है उसकी रिपाेर्ट के लिए मरीज या परिजन काे बार-बार दाैड़ना पड़ता है। ऐसे में हर दिन सैकड़ों मरीज बाहर से जांच कराने के लिए मजबूर हाेते हैं और निजी पैथाेलाॅजिकल लैब वाले उनसे मनमाना पैसे वसूलते हैं। सदर अस्पताल ओपीडी में औसतन 500 मरीज प्रतिदिन आते हैं।

इनमें औसतन 300 को विभिन्न विभागों के चिकित्सक पैथोलॉजिकल जांच लिखते हैं। लेकिन, सरकार द्वारा मरीजाें की सुविधा के लिए खोले गए जांच घर से अधिकतर को निराश लौटना पड़ता है। इसका फायदा अस्पताल गेट के पास स्थित कई निजी जांच घर वाले उठाते हैं जहां मरीजाें की भारी भीड़ लगी रहती है।

जाे जांच अस्पताल में हाेती भी उनकी रिपोर्ट के लिए बार-बार लगाना पड़ता है चक्कर

सदर अस्पताल में मात्र दो महिला टेक्नीशियन हैं। इनके अनुसार ये प्रतिदिन करीब 200 मरीजाें की विभिन्न प्रकार की जांच करती हैं। सैंपल दोपहर 1 बजे तक लिया जाता है अाैर जांच 4 बजे तक की जाती है। इसलिए रिपाेर्ट में थाेड़ा समय लग जाता है। उधर, दूरदराज से आनेवाले मरीज या परिजन काे रिपाेर्ट के लिए बार-बार अस्पताल का चक्कर लगाना पड़ता है। रिपाेर्ट यदि डाॅक्टर के रहने तक मिल गई ताे ठीक, नहीं ताे दवा लिखवाने के लिए भी दूसरे दिन अाना पड़ता है। इतना ही नहीं उक्त चिकित्सक का ड्यूटी शेड्यूल बदल जाने पर अगले सप्ताह अाकर दवा लिखवानी पड़ती है।

इधर, जांच घर वाले भवन में शौचालय तक नहीं, महिला मरीजों काे हाेती है परेशानी

जांच घर जिस भवन में है, उसमें टाॅयलेट नहीं रहने से महिला मरीजों को यूरिन का सैंपल देने में परेशानी हाेती है। उन्हें इसके लिए एमसीएच भवन में जाना पड़ता है। इसमें भी काफी समय लगता है। कभी-कभी इस दाैरान सैंपल लेने का समय खत्म हो जाता है और मरीज काे इसके लिए अगले दिन आना पड़ता हैॉ

हाेनी चाहिए 28 प्रकार की जांच अाैर हाेती मात्र 16, इसलिए हो रही है ज्यादा परेशानी

सदर अस्पताल में 28 प्रकार की जांच की व्यवस्था है। लेकिन, फिलहाल मात्र टीसी-डीसी, क्रिएटिने, हेमोग्लोबिन, ब्लड यूरिया, ब्लड शुगर, बीटी-सीटी, ईएसआर, आरके-39, एसजीपीटी, प्रेग्नेंसी, रूटीन यूरीन, रूटीन स्टूल समेत 16 जांच हो रही है।

सदर अस्पताल में अभी 16 प्रकार की जांच की ही व्यवस्था है। डायग्नाॅस्टिक में इलाज करनेवाले चिकित्सक को यदि लगता है कि उक्त 16 प्रकार की जांच से अलग कोई जांच करवानी है, तभी मरीज को बाहर के लिए एडवाइस करते हैं। मरीज ऐसी स्थिति में ही बाहर से जांच कराते हैं। जांच घर के पास महिला मरीजों के लिए टाॅयलेट और टेक्नीशियन की व्यवस्था शीघ्र की जाएगी।
-डॉ विनय शर्मा, सिविल सर्जन।

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