शाही पर संकट:मुंबई लीची ले जाने को पवन एक्स. में एनओसी नहीं दे रहा सेंट्रल रेलवे, पूमरे भी कर रहा अनसुना

मुजफ्फरपुर8 दिन पहले
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शनिवार को डीडीसी से मिलने पहुंचे लीची उत्पादक संघ के अध्यक्ष बच्चा प्रसाद सिंह, किसान व व्यापारी। - Dainik Bhaskar
शनिवार को डीडीसी से मिलने पहुंचे लीची उत्पादक संघ के अध्यक्ष बच्चा प्रसाद सिंह, किसान व व्यापारी।

शाही लीची काे पवन एक्सप्रेस से मुंबई ले जाने के लिए सेंट्रल रेलवे एनओसी नहीं दे रहा है। इस कारण इस वर्ष लीची मुंबई कैसे पहुंचेगी, इसे लेकर व्यापारी और किसान चिंतित है। पवन एक्सप्रेस में वीपीपी (वीपीपी) नहीं लगने के कारण पूर्व मध्य रेलवे भी किसानाें की चिंता काे अनसूना कर रहा है। लीची तोड़ी जाने लगी है, लेकिन रेलवे अब तक काेई ठाेस निर्णय नहीं ले सका है। काेई भी अधिकारी इसे लेकर किसान-व्यापारियाें से बात तक नहीं कर रहे।

जयनगर से लाेकमान्य तिलक जानेवाली पवन एक्सप्रेस सेंट्रल रेलवे की ट्रेन है। इसमें 22 बाेगियां हैं जिनमें सिर्फ दाे जनरल है। यात्रियाें की काफी भीड़ हाेने की बात कह कर सेंट्रल रेलवे इस ट्रेन में वीपीपी जाेड़ने से इनकार चुका है। रेलवे का कहना है कि वीपीपी जाेड़ने के लिए एक जनरल बाेगी हटानी हाेगी, इसलिए एनओसी नहीं दिया जा सकता है। उधर, किसानाें ने सवाल उठाया है कि पिछले वर्ष जब पवन एक्सप्रेस में वीपीपी जाेड़ा गया था, ताे इस वर्ष क्याें नहीं? पिछले वर्ष वीपीपी के लिए किसानाें ने रेलवे काे 23 लाख 75 हजार रुपए किराया कि रूप में दिए थे।

पूमरे जिस विकल्प पर कर रहा काम, उसे मान नहीं रहे व्यापारी-किसान

किसानाें की चिंता पर जिला प्रशासन ने रेलवे काे शीघ्र वीपीपी जाेड़ने के लिए कहा है। इस पर पूर्व मध्य रेलवे यह स्टडी कर रहा है कि पवन एक्सप्रेस में कितने पैसेंजर आते हैं। यदि एक बाेगी हटा दी जाए ताे यात्रियाें के लिए क्या विकल्प हाे सकता है। इसके अलावा पूर्व मध्य रेलवे विकल्प के ताैर पर सुबह 10 बजे मुजफ्फरपुर से खुलनेवाली बराैनी-बांद्रा एक्सप्रेस में वीपीपी लगाने की बात साेच रहा है।

पूमरे ने रक्साैल-लाेकमान्य तिलक जनसाधारण साप्ताहिक और जयनगर-मुंबई जनसाधारण काे भी विकल्प बताया है। रेलवे का कहना है कि किसान थाेड़ी सी तत्परता दिखाएं ताे ये ट्रेंनें विकल्प हाे सकती हैं। लेकिन, लीची किसान और व्यापारी इससे सहमत नहीं है। लीची ग्राेवर संघ के अध्यक्ष बच्चा प्रसाद सिंह का कहना है कि पवन एक्सप्रेस से दाेपहर 3 बजे तक ताेड़ी गई लीची मुंबई भेजी जा सकती है। लेकिन, बराैनी-बांद्रा में एक दिन पहले की ताेड़ी गई लीची भेजनी पड़ेगी जाे ट्रेन में भी दाे दिन रहेगी। लेट हाेने से लीची खराब हाे जाएगी। जनसाधारण साप्ताहिक है और रात में खुलती है।

डीडीसी से किसानों ने कहा- 20 तक निदान न हुआ ताे राेकेंगे ट्रेन

पवन एक्सप्रेस से मुम्बई तक लीची भेजने की मांग काे लेकर शनिवार काे किसान एवं व्यापारियाें का एक प्रतिनिधि मंडल डीडीसी आशुतोष द्विवेदी से मिला। किसानाें ने हर हाल में पवन एक्सप्रेस में अतिरिक्त वीपीपी लगवाने की मांग की। कहा कि यदि 20 मई तक निदान नहीं निकला ताे रेल लाइन पर धरना देकर पवन एक्सप्रेस व अन्य ट्रेनाें काे राेकेंगे। संघ के अध्यक्ष बच्चा प्रसाद सिंह ने बताया कि डीडीसी ने रेलवे के साथ ही कृषि मंत्रालय काे फाेन कर इस मामले की सूचना दी है। उन्होंने इस मामले में डीएम प्रणव कुमार से मंत्रणा कर आगे की रणनीति बनाए जाने का आश्वासन देते हुए किसानों काे साेमवार काे फिर बुलाया है।

टूटने लगी शाही लीची, बाजार में 150 रुपए सैकड़ा उपलब्ध

लाल हाे चुकी शाही लीची काे किसान निर्धारित समय से 10 दिन पहले ताेड़ने लगे हैं। पहली बार यह बाहर जाने के पहले स्थानीय स्तर पर बिकने लगी है। शनिवार काे गाेशाला चाैक के निकट के ईदगाह समेत कई अन्य जगहाें से ताेड़ी गई लीची स्थानीय बाजाराें में पहुंच गई। पहले दिन छाेटे व्यापारियाें ने शाही लीची 150 रुपए प्रति सैकड़ा बेची। इस बीच जिले में रुक-रुककर हाे रही आंधी के कारण किसान परेशान हैं। लीची काे बचाने के लिए उन्हें बार-बार दवा का छिड़काव कराना पड़ रहा है, फिर भी लीची सुरक्षित नहीं है। दूसरी तरफ माैसम की मार से छाेटे आकार में ही लीची लाल हाे चुकी है।

'यदि किसान चाहें ताे सुबह 10 बजे तक लीची पैक करा आसानी से मुंबई भेज सकते हैं। दाेनाें ट्रेनाें के पहुंचने का समय करीब एक ही है। वैसे अन्य विकल्पाें पर भी काम किया जा रहा है। किसान एक्सप्रेस देवलाली जाती है। यह मुंबई से 250 किमी दूर है। वहां लीची उतार कर सड़क मार्ग से मुंबई ले जाना संभव नहीं है। शीघ्र ही किसानाें की इस बड़ी समस्या का निदान हाेगा।
-वीरेंद्र कुमार, सीपीआरओ, पूर्व मध्य रेलवे।

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