सहरसा जेल अधीक्षक ने सालभर से नहीं निकाली थी सैलरी:काली कमाई से की ऐश; ऑफिस से मिले 10 लाख कैश

मुजफ्फरपुर2 महीने पहले
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जेल सुपरिटेंडेंट के इसी घर पर हुई छापेमारी। - Dainik Bhaskar
जेल सुपरिटेंडेंट के इसी घर पर हुई छापेमारी।

स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को सहरसा जेल अधीक्षक के ठिकानों पर छापा मारा है। कार्रवाई के दौरान उनके ऑफिस से 10 लाख रुपए कैश के साथ जमीन-बैंक के कागजात भी मिले हैं।

दरअसल, सहरसा मंडल कारा के अधीक्षक सुरेश चौधरी के मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा कृष्णा टोली स्थित दो आवास व सहरसा कारा कार्यालय कक्ष पर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान टीम को जमीन के 15 डीड, 38 बैंक पासबुक व फिक्स्ड डिपोजिट्स, तीन लाख के सावधि जमा के दस्तावेज, लाखों रुपए के सोना-चांदी के गहने और जमीन खरीद-बिक्री में राशि के निवेश संबंधित दस्तावेज मिले हैं।

शनिवार को विशेष निगरानी कोर्ट में साक्ष्य करेगी‍ प्रस्तुत

बरामद सभी को SUV जब्त लाल रंग के कपड़े की गांठ में बांधकर अपने साथ पटना के लिए रवाना हो गई। शनिवार को विशेष निगरानी कोर्ट में SVU की टीम सभी साक्ष्य को प्रस्तुत करेगी‍। आवास से एक लाख और कार्यालय कक्ष से करीब 10 लाख रुपए कैश मिले हैं। इनमें एक से लेकर पांच सौ रुपए तक के करेंसी मिले।

SVU के अधिकारियों के अनुसार, सहरसा जेल अधीक्षक सुरेश चौधरी को चार संतान हैं। एक बेटी का 15 लाख रुपए में प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में एडमिशन कराया है। वहीं एक बेटा बेंगलुरु में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। दूसरा बेटा मुजफ्फरपुर मेडिकल कॉलेज से MBBS कर रहा है। एक बेटा मुजफ्फरपुर इंजीनियरिंग कॉलेज से B-TECH कर रहा है।

चार करोड़ से अधिक का आलीशान मकान
SVU के रिपोर्ट के मुताबिक, सुरेश चौधर का ब्रह्मपुरा के कृष्णा टोली मोहल्ला में आलीशान भवन है। जिसके निर्माण के संबंध में जानकारी ली गई तो टीम को पता चला कि उक्त मकान चार करोड़ रुपए से अधिक का खर्च से उसका निर्माण कराया है। यह भवन G PLUS 2 है।

कागजातों को खंगालती टीम।
कागजातों को खंगालती टीम।

एक साल से वेतन में हाथ तक नहीं लगाया
टीम को छानबीन में जानकारी मिली है कि सुरेश चौधरी के यहां 20 लाख रुपए की देनदारी भी है। SBI का 17 लाख और PNB का 3 लाख रुपए लोन के तौर पर बकाया है। एक साल से जेल अधीक्षक सुरेश चौधरी अपने वेतन की राशि का निकासी बैंक खाता से नहीं किया है। टीम को आशंका है कि उन्होंने इससे पहले का भी राशि बैंक से नहीं निकाला है।

जेल अधीक्षक ने अपने कार्यकाल में पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध तरीके से करोड़ों रुपए की काली कमाई की है। उनके पास कैश के अलावा, जेवरात, जमीन, कार और कई जगहों पर मकान होने का पता भी चला है। SVU की टीम उनकी पूरी चल अचल संपत्ति का डिटेल्स खंगाला है।

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