माेतीझील व छोटी सरैयागंज के हालात सबसे बदतर:गड्ढे के गर्त से शहर काे निकालना बड़ी चुनाैती, 6 दिन बचे; 4 बड़े स्पाॅट पर 30% काम अधूरा

मुजफ्फरपुरएक महीने पहले
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चैपमैन राेड में गाेशाला से मस्जिद चाैक व मिठनपुरा से दीघरा ड्रेनेज के कार्य रफ्तार में और तेजी लानी हाेगी। - Dainik Bhaskar
चैपमैन राेड में गाेशाला से मस्जिद चाैक व मिठनपुरा से दीघरा ड्रेनेज के कार्य रफ्तार में और तेजी लानी हाेगी।

तमाम सख्ती के बाद भी गड्ढे के गर्त से शहर काे निकालना अब भी बड़ी चुनाैती बनी हुई है। डीएम की ओर से दी गई डेडलाइन की उलटी गिनती शुरू हाे चुकी है। अब सिर्फ 144 घंटे यानी 6 दिन बचे हैं। अब सिर्फ 144 यानी 6 दिन बचे हैं। फिर भी शहर के 4 प्रमुख स्पाॅट पर निर्माण कार्य 25 से 30 प्रतिशत अधूरा है। सबसे बदतर हालात शहर के प्रमुख बाजार माेतीझील और छोटी सरैयागंज के ही बने हुए हैं।

इन दाेनाें जगहाें पर ड्रेनेज प्राेजेक्ट के तहत खाेदे गए गड्ढे में निर्माण कार्य ताे चल रहा है। लेकिन, जिस रफ्तार से काम हाे रहे हैं, उसमें और तेजी नहीं आई ताे बरसात में हाेने वाले भारी जलजमाव के बीच लाेगाें की जान दांव पर हाेगी। माेतीझील में 10 फीट में गड्ढे और उसमें रखे गए नुकीले सरिया ताे नवयुवक समिति ट्रस्ट के आगे सरैयागंज व सिकंदरपुर चाैक पर लाेग चचरी से हाेकर आना-जाना कर रहे हैं।

मिठनपुरा से दीघरा नहर तक भी जगह-जगह स्टाॅर्म वाटर ड्रेनेज के लिए किए गए गहरे गड्ढे खतरनाक तरीके से खुले हैं। इस प्राेजेक्ट का ताे 40 प्रतिशत काम अधूरा हाेने एवं ड्रेनेज के बीच कनेक्टिविटी का काम बरसात से पहले पूरा हाेना मुश्किल दिख रहा है। डीएम ने 30 मई की जगह 27 मई की डेडलाइन दे रखी है।

  • स्टाॅर्म वाटर ड्रेनेज का तो 40 फीसदी काम अधूरा
  • माेतीझील में गहरे गड्ढे व नुकीले सरिया खतरनाक

छोटी सरैयागंज​​​​​​​

​​​​​​​गड्ढा खोदने से सबसे बदतर स्थिति छोटी सरैयागंज की बनी हुई है। मेन रोड पर नाले का सड़ा हुआ पानी बह रहा है। छोटी सरैयागंज इलाके में एक इंच नाला बनाने का काम शुरू नहीं हो सका है। मंगलवार की शाम कितने गड्ढे किए गए हैं, इसकी मापी निर्माण एजेंसी द्वारा की जा रही थी।

मोतीझील​​​​​​​​​​​​​​

​​​​​​​मोतीझील में ट्रैफिक बंद कर खाेदे गए गड्ढे में नाला बनाने का कार्य ताे चल रहा है, लेकिन काम में तेजी नहीं आ रही है। नाला बनाने में तेजी नहीं आई ताे बरसात में हाेने वाले भारी जलजमाव के बीच लाेगाें की जान खतरे में हाेगी। माेतीझील में गड्ढे और नुकीले सरिया से स्थानीय दुकानदार सहमे हुए हैं।

मिठनपुरा​​​​​​​​​​​​​​

​​​​​​​मिठनपुरा से दीघरा नहर तक जगह-जगह स्टाॅर्म वाटर ड्रेनेज के लिए किए गए गहरे गड्ढे खतरनाक तरीके से खुले हैं। इस प्राेजेक्ट का ताे 40% काम अधूरा है। काम पूरा नहीं हाेने पर शहर के पूर्वी इलाके में बरसात में जलजमाव की स्थिति गंभीर होगी। सोमवार को शेरपुर में नाला निर्माण शुरू किया गया।

गाेशाला रोड

गाेशाला से मस्जिद चाैक तक 200 फीट में गड्ढे खाेद कर गाद निकालने से एक लेन में चलना खतरे से खाली नहीं है। लेकिन, यहां तेजी से निर्माण कार्य हाे रहा है। एक सप्ताह के अंदर निर्माण पूरा हाेने की उम्मीद दिख रही है। इसके निर्माण से इस मार्ग में पानी की निकासी भी सही से हाे सकेगी।

भास्कर की मुहिम के बाद प्रशासन की सख्ती से काम में आई है तेजी
स्मार्ट सिटी के तहत शहर में निर्माण कार्य चल रहे हैं। लेकिन, बेतरतीब गड्ढों के कारण शहरवासी को हो रही परेशानी को लेकर दैनिक भास्कर लगातार मुहिम चला रहा है। इस पर प्रशासन ने काम में तेजी लाने के लिए सख्ती की है। डीएम ने निर्माण एजेंसियाें काे अल्टीमेटम दिया है। कई इलाकाें में इसका असर भी दिख रहा है। कई जगह काम में प्रगति आई है।

हाथी चाैक से पानी टंकी चाैक के बीच, हरिसभा चाैक से कल्याणी चाैक, हरिसभा चाैक से देवी मंदिर राेड, तिलक मैदान राेड, सूतापट्टी में निर्माण कार्य अधिकतर पूरे हाे चुके हैं। बैंक राेड में 20 फीट में नाला निर्माण आखिरी चरण में है। हालांकि, इस मार्ग में ताेड़ी गई सड़क पर अब भी पक्का निर्माण नहीं हुआ है।

ये शहर का सबसे बड़ा पेन एरिया, दैनिक भास्कर कर रहा मॉनिटरिंग

काम पूरा कर शहर के बेतरतीब गड्‌ढों को भरने के लिए डीएम ने 30 मई तक का अल्टीमेटम दिया है। शहर की इस सबसे बड़ी समस्या की मॉनिटरिंग दैनिक भास्कर लगातार कर रहा है। सजग नागरिक होने के नाते आप भी अपने क्षेत्र में चल रहे काम पर नजर रखें। आप हमें कोई भी जानकारी 9431461305 और 8770590675 नंबरों पर वाट्सएप कर सकते हैं।

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