ग्रामीणों ने जमीन देने से किया इनकार:बयानों से ही आकाश में उड़ रहे जहाज, जिनकी जमीन जाएगी उन्हें गांव के अस्तित्व की चिंता

मुजफ्फरपुर2 महीने पहलेलेखक: अरविंद कुमार
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पताही हवाई अड्डा - Dainik Bhaskar
पताही हवाई अड्डा
  • डीएम काे आवेदन देकर कहा- पहले ही नहर, एनएच और बाइपास के लिए दे चुके हैं जमीन, अब और मुमकिन नहीं; रनवे के लिए चाहिए 475 एकड़ जमीन

वर्षाें पहले अस्तित्व में आए पताही हवाई अड्डा से उड़ान ताे अब तक शुरू नहीं हुई, लेकिन एक बार फिर इसके चालू होने की चर्चा शुरू हो गई है। उड्डयन मंत्रालय ने 3 महीने पहले बिहार में जिन 5 हवाई अड्‌डों को शुरू करने की घोषणा की थी उनमें पताही हवाई अड्‌डा भी शामिल है।

इस बीच एक तरफ जहां इसे लेकर बयानबाजी जाेराें पर है, वहीं ग्रामीणाें ने जमीन देने से इनकार कर दिया है। ग्रामीणाें का तर्क है कि वे पहले ही नहर, एनएच व बाईपास के लिए जमीन दे चुके हैं। अब हवाई अड्‌डा में जमीन देने से ताे उनके गांव का अस्तित्व ही खत्म हाे जाएगा। इसके लिए ग्रामीणाें ने डीएम काे बाजाप्ता आवेदन देकर इसकी सूचना दी है।

दरभंगा एयरपोर्ट से उड़ान शुरू हाेने के बाद से ही पताही से हवाई सेवा शुरू हाेने को लेकर उठने लगे हैं सवाल
बता दें कि दरभंगा से हवाई उड़ान शुरू हाेने के बाद पताही हवाई अड्डा से प्लेन सेवा शुरू हाेने पर सवाल उठने लगे। मंत्रालय भी यहां से उड़ान शुरू किए जाने में एक के बाद एक अलग-अलग बाधाएं बता पत्र भेजनेवाले जनप्रतिनिधियों काे इनकार करती रही है। पूर्व में रनवे के लिए जमीन की कमी बताई जा रही थी।

अब नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने यहां से हवाई सेवा शुरू करने के लिए किसी भी एयरलाइंस कंपनी द्वारा बाेली नहीं लगाने की बाधा बताई है। हालांकि, उन्हाेंने आश्वासन दिया है कि भविष्य में काेई कंपनी तैयार हुई ताे यहां से उड़ान शुरू करने पर विचार किया जाएगा।

अब पताही के ग्रामीणाें ने जमीन देने से इनकार कर इसमें नया माेड़ ला दिया है। 50 ग्रामीणों ने डीएम प्रणव कुमार काे आवेदन देकर इसके लिए जमीन देने से इनकार कर दिया है। कहा है कि इस गांव से पूर्व में ही हवाई अड्डा, एनएच-बाईपास व तिरहुत कैनाल के लिए काफी जमीन दी जा चुकी है। अब जमीन दिए जाने से सड़क के उत्तरी तरफ के गांव का अस्तित्व ही खत्म हाे जाएगा।

इधर, विमान कंपनी रुचि ले नहीं रही; पर दो पूर्व मंत्री, सांसद व दो विधायकों में मची हुई है श्रेय लेने की होड़
पताही हवाई अड्डे की राह में अब दाे प्रमुख बाधाएं सामने हैं। एक ये कि नागर विमानन मंत्री ने विमान कंपनियाें के रुचि नहीं लेने की बात बताई है। दूसरा ग्रामीणाें द्वारा जमीन देने से इनकार करना। एेसे में यहां से उड़ान कब शुरू हाेगी यह कहना ताे मुश्किल है, लेकिन राजनेताओं में श्रेय लेने की हाेड़ मची हुई है।

दाे पूर्व मंत्री, सांसद व दाे विधायक लगातार अपने प्रयास की जानकारी देने में जुटे हैं। पूर्व मंत्री सुरेश शर्मा इसके लिए तत्कालीन केंद्रीय मंत्री से अपनी मुलाकात और उन्हें सौंपे गए पत्र के जवाब में राज्य सरकार से 475 एकड़ जमीन मांगे जाने की बात कह रहे हैं। ताे, सांसद अजय निषाद 2015 से मंत्री काे भेज रहे पत्रों व अपने प्रयास का हवाला दे रहे हैं।

पूर्व मंत्री अजीत कुमार भी इसे चालू कराने के लिए केन्द्रीय मंत्री से मिल चुके हैं। जबकि, वर्तमान विधायक विजेंद्र चौधरी भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलकर इस हवाई अड्डा के लिए 475 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने का आग्रह करने की बात कह रहे हैं। कांटी विधायक इसराइल मंसूरी ने भी कहा है कि उन्हाेंने केन्द्रीय मंत्री से मिलकर हवाई अड्डा चालू कराने का आग्रह किया है।

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