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पाेस्टमार्टम रिपाेर्ट:हत्या के केस में मारपीट की धारा जोड़ने पर एसएसपी और एसडीपीओ से शाेकाॅज

मुजफ्फरपुरएक महीने पहले
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सरैया थाने के जैतपुर ओपी के गिंजास गांव में विकास पटेल की हत्या के केस में 302 की धारा हटाकर सुपरविजन में मारपीट की धारा 307 जाेड़ने काे लेकर काेर्ट ने एसएसपी जयंत कांत अाैर एसडीपीअाे सरैया राजेश शर्मा से शाेकाॅज किया है। एसएसपी से जवाब मांगते हुए काेर्ट ने पूछा है कि किसी की हत्या की बात उसके घायल हाेने में कैसे बदल सकता है, जबकि मृतक का पाेस्टमार्टम भी कराया गया है। काेर्ट ने 7 दिन के अंदर शाेकाॅज भेजने के लिए कहा था। लेकिन, अब तक मामले में एसएसपी की अाेर से काेर्ट काे काेई जवाब नहीं दिया गया है। इसकाे लेकर काेर्ट से अब रिमाइंडर भेजने की कवायद है। काेर्ट से शाे-काॅज मांगे जाने काे लेकर एसएसपी ने बताया कि मृतक के शव के हिस्टाेपैथलाेजी अाैर पाेस्टमार्टम रिपाेर्ट से स्पष्ट है कि वह बीमारी से मरा।

उसे चेचक था, जिसके कारण उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। छानबीन में सामने अाया कि अाराेपियाें से जमीन के मुद्दे पर गीता देवी के परिवार से 27 दिसंबर 2020 की देर शाम में मारपीट की घटना हुई थी। इसमें गीता देवी का छाेटा पुत्र पंकज पटेल घायल हाे गया था। जिसका इलाज सरैया पीएचसी में कराया गया। इसी बीच गीता देवी के बड़े पुत्र विकास पटेल की माैत बीमारी से निजी अस्पताल में हाे गई। तब गीता ने तथ्य अाैर सत्य काे छिपाते हुए विकास की माैत मारपीट से हाेने की बात बताकर केस दर्ज करा दिया। छानबीन में सबकुछ स्पष्ट हाे चुका है, इसलिए मामले में पंकज के घायल हाेने की बात बताकर 307 की धारा में केस का अनुसंधान किया जा रहा है। केस डायरी में सबकुछ स्पष्ट कर दिया गया है।

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