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जलजमाव का साइड इफेक्ट:सर्पदंश पीड़ित 12 लाेग पहुंचे प्रभात तारा अस्पताल

मुजफ्फरपुर20 दिन पहले
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  • सभी की जान खतरे से बाहर, सरकारी अस्पतालों में जहररोधी इंजेक्शन पर्याप्त

बारिश के बाद शहर से गांवों तक शनिवार को एक दर्ज लाेग सर्पदंश के शिकार हुए। सभी काे भगवानपुर स्थित प्रभात तारा अस्पताल लाया गया। यहां डॉक्टरों ने सभी का उपचार किया। इंजेक्शन लगाए और जहर निकालने के लिए पत्थर बांधा। सदर अस्पताल और किसी भी पीएचसी में सर्पदंश वालाें का इलाज नहीं किया गया। खबड़ा के प्रकाश कुमार ने बताया, वह शाम करीब 5:00 बजे ऑफिस से घर जा रहे थे।

स्ते में सांप ने पैर में डंक मार दिया। घर पहुंच कर उन्होंने परिजनों काे इसकी जानकारी दी। सभी प्रभात तारा अस्पताल पहुंचे। यहां उनका इलाज चल रहा है। सरमस्तपुर पकड़ी निवासी दिलीप सिंह ने बताया कि काम कर घर लौट रहे थे तभी पैर में सर्पदंश हुआ। बावनघाट मठ के अरविंद कुमार गिरी काे खेत से नदी के रास्ते घर लौटने के दाैरान बांध पर सांप ने डंस लिया।

10 वर्षीय मोहम्मद दिलशाद काे खेलने के दौरान सांप ने डंक मारा। अभिराज की मां ने बताया कि खेलते-खेलते उनके बेटे ने बिल में हाथ डाल दिया। उसे सांप ने डंस लिया। अफरोज ने बताया कि वह बाइक से नानी को देख कर घर लौट रहा था। रास्ते में सांप ने पैर में डंक मारा। सुनीता देवी, प्रेम शिला कुमारी और इंदिरा देवी पूजा कर घर लौटने के दाैरान सर्पदंश की शिकार हुईं। एसीएमओ उमेश चंद्र शर्मा ने बताया कि जिले में सर्पदंश के इलाज के लिए लगाने वाली सुई उपलब्ध है।

अस्पताल में इलाज की सुविधा : सीएस
सदर अस्पताल समेत सभी पीएचसी में सांप के डंक के बाद दिए जाने वाला इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। फिलहाल इक्का-दुक्का मरीज ही आ रहे हैं। सभी पीएचसी प्रभारियों को सर्पदंश पीड़िताें के आने पर त्वरित इलाज करने और इंजेक्शन देने का निर्देश दिया गया है।
- डॉ. एसके चौधरी, सिविल सर्जन

काॅलेज में इलाज का इंतजाम : अधीक्षक
एसकेएमसीएच में सर्पदंश के इलाज की सुविधा और सुई-दवा सभी उपलब्ध है। अप्रैल और मई में काफी कम संख्या में ऐसे मरीज आए हैं। इन्हें इंजेक्शन दिया गया है। बरसात शुरू होने पर काफी संख्या में मरीज आते हैं। इसके लिए इलाज और इंजेक्शन की पूरी सुविधा है, इससे मरीजों को परेशानी नहीं होगी।
- डॉ. बीएस झा, अधीक्षक, एसकेएमसीएच

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