पाकिस्तान में छपे जाली नोट की भारत में सप्लाई:बाइक की सीट में छिपाकर नेपाल से सीवान जा रहे थे, DRI टीम ने 42,500 के नोट के साथ दबोचा

मुजफ्फरपुर4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

DRI मुजफ्फरपुर की टीम ने शुक्रवार को मोतिहारी जिले में कार्रवाई करते हुए 500 रुपये के 85 जाली नोट बरामद किए। मौके से दो तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। दोनों सीवान जिले के रहने वाले हैं। तस्करों के पास से एक बाइक भी जब्त की गई। इसी बाइक की सीट के नीचे 500 के जाली नोट छिपाकर रखे गए थे। कुल रुपए 42,500 हैं। ये नोट पाकिस्तान में छपे हैं। DRI अधिकारी ने इसकी पुष्टि की।

उन्होंने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि नेपाल के वीरगंज के रास्ते जाली नोटों की खेप बाइक से ले जा रहे थे। सूचना पर हमने टीम बनाकर मोतिहारी के हरसिद्धि चौक के आसपास जांच शुरू की गई। DRI के पास इसकी सटीक सूचना थी। इसी दौरान प्लैटिना बाइक से दो युवकों को आता देख रोका गया। दोनों को रोककर तलाशी ली गई। लेकिन, उन दोनों के पास या बाइक की डिक्की से कुछ बरामद नहीं हुआ। एक बार तो टीम भी चौंक गयी कि इतनी सटीक सूचना कैसे फेल हो गयी।

सीट में से निकला नोटों का बंडल

इसके बाद टीम ने जब बाइक की सीट खोली तो दंग रह गए। सीट के नीचे 500 के जाली नोट मिले। इसके बाद दोनों तस्करों से पूछताछ कर DRI के मुजफ्फरपुर कार्यालय में लाया गया। अधिकारियों ने बताया कि अभी कार्रवाई जारी है। जाली नोट के तस्करों और इसके सिंडिकेट के संबंध में कुछ और भी अहम सुराग मिले हैं। इस आधार पर कार्रवाई चल रही है।

पाकिस्तान में छपे हैं नोट

DRI के एक अधिकारी ने बताया कि उक्त नोटों की बारीकी से जांच की गई। नोट की क्वालिटी बिल्कुल असल नोट जैसी है। एक्सपर्ट से जांच कराने पर पता लगा कि ये नोट पाकिस्तान में छपे हैं। वहीं से नेपाल के रास्ते भारत मे लाया गया था। इसे सीवान ले जाया जा रहा था। तभी टीम ने रास्ते मे ही दबोच लिया। नोट को बारीकी से देखने पर ही पता लगता है कि ये जाली है। नोट की चिकनाहट और कागज भी असल जैसा है। सिल्वर थ्रेड, नम्बर, और अशोक स्तंभ के रंग से पकड़ा गया है। इसमें थोड़ा सा अंतर पाया गया है।

हाल में पकड़े गए थे 11.50 लाख के जाली नोट

इसी माह मुजफ्फरपुर पुलिस ने मोतीपुर से 500, 200 और 100 के कुल 11.50 लाख रुपये जाली नोट पकड़े थे। चार तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया था। ये सभी छपरा के रहने वाले थे। इनका नेटवर्क भी सीवान और गोपालगंज से लेकर पूरे उत्तर बिहार में फैला हुआ था। DRI की टीम ने मुजफ्फरपुर पुलिस से भी सम्पर्क साधा है। आशंका जताई जा रही है कि पकड़े गए दोनों तस्कर भी उसी सिंडिकेट से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा मधुबनी से भी 13 लाख रुपये के जाली नोट बरामद हुए थे।