कार्रवाई सिफर / लेखापाल ने विभाग के खाते में जमा कर दी राशि ताे अधिकारियों ने खत्म मान ली वित्तीय अनियमितता

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  • अपने खाते में रख लिए थे मानदेय के 2.89 लाख व आकस्मिकता के 53 हजार
  • गोदाम निर्माण हुए बिना सीएफएमएस से खाते में डाल दी थी 9 लाख की अनुदान राशि

दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 07:49 AM IST

मुजफ्फरपुर. काेषागार से सीएफएमएस के जरिए अपने खाते में राशि जमा करने तथा बिना गाेदाम निर्माण हुए लाभुक के खाते में नाै लाख रुपए का अनुदान ट्रांसफर करने का कृषि विभाग का मामला अब ठंडा पड़ गया है। कृषि विभाग के लेखापाल अमित कुमार द्वारा खाते में राशि जमा करा देने के बाद बिना प्राथमिकी या कार्रवाई के कृषि अधिकारियों ने इस वित्तीय अनियमितता काे खत्म मान लिया है।

उधर, विभाग ने जब जिला कृषि अधिकारी व संयुक्त कृषि निदेशक शष्य का तबादला कर दिया ताे इन अधिकारियाें ने दाेषी कर्मचारी की प्रतिनियुक्ति खत्म करते हुए उसे सीतामढ़ी के लिए विरमित कर दिया। जिला कृषि अधिकारी (डीएअाे) डाॅ. केके वर्मा ने 26 जून काे विशेष पत्र के माध्यम से संयुक्त कृषि निदेशक (जेडीए) सुरेंद्र नाथ काे अपने कार्यालय के लेखापाल अमित कुमार द्वारा की गई वित्तीय अनियमितता की जानकारी दी। उन्होंने लेखापाल काे वित्तीय वर्ष 2019-20 की समाप्ति के समय ही प्रभार दिए जाने की जानकारी दी। उसके बाद राेकड़ पंजी व बैंक स्टेटमेंट का मिलान करने पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के आकस्मिकता मद के 53 हजार व मानदेय भुगतान मद के 2.89 लाख रुपए अपने निजी खाते में रख लिया। साथ ही गाेदाम निर्माण के लिए बिना भुगतान आदेश के ही ममता कुमारी के खाते में नाै लाख रुपए सीएफएमएस से डाल दिए। हालांकि, स्पष्टीकरण के बाद 15 जून 2020 काे अमित कुमार ने चेक से 2.89 लाख रुपए लाैटा दिए हैं। 
डीएअाे ने मामले में जेडीए से उचित कार्रवाई करने के लिए कहा। लेकिन, जेडीए सुरेंद्रनाथ ने 27 जून काे भेजे पत्र के अालाेक में डीएअाे से कहा कि वे सक्षम अधिकारी हैं। अपने स्तर से ही छानबीन कर आवश्यक कार्रवाई करें। उसके बाद 29 जून काे यह मामला पूरी तरह खत्म कर दिया गया।

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