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  • The Accused Of Simple Riots, Obstructing Government Work And Attacking The Police Will No Longer Get Bail From The Police Station, The Police Will Send Them To Jail.

एसएसपी ने दिया सख्त निर्देश:साधारण दंगे, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने व पुलिस पर हमले के आराेपियों काे अब थाने से नहीं मिलेगी जमानत, पुलिस भेजेगी जेल

मुजफ्फरपुर2 महीने पहले
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एसएसपी जयंत कांत - Dainik Bhaskar
एसएसपी जयंत कांत
  • इस साल 131 साधारण दंगे और पुलिस पर हमले के 40 मामले, एसएसपी ने थानेदाराें काे शराब माफियाओं पर भी कार्रवाई के दिए निर्देश

छाेटी-छाेटी बाताें पर भीड़ जुटाकर आपस में मारपीट करने और जमीन कब्जाने के लिए साधारण दंगा के इस साल 131 मामले हुए हैं। इसमें सरकारी कार्य में बाधा व पुलिस पर हमले के 40 से अधिक कांड हैं। कांडाें की संख्या देख एसएसपी जयंत कांत ने निर्देश दिया है कि अब ऐसे मामलाें के आरोपियों काे थाने से जमानत पर नहीं छाेड़ें ये 41 के लाभ के लायक नहीं माने जाएंगे।

काेर्ट में प्रस्तुत कर जेल भेजें। हाल के दिनाें में शराब तस्कर पुलिस के खिलाफ छाेटी-छाेटी बात व समस्या पर भी भीड़ काे उकसा कर शासन-प्रशासन के खिलाफ कर रहे हैं। ऐसे शराब माफिया काे भी चिह्नित कर कार्रवाई का निर्देश थानेदाराें काे दिया गया है।

केस 01, 27 अगस्त : एससी-एसटी एक्ट के आरोपी को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर डीहजीवर गांव में हमला किया गया था। हथौड़ी और बोचहां थानाध्यक्ष समेत छ: पुलिस कर्मी जख्मी हाे गए थे। पथराव में पुलिस की गाड़ियाें के शीशे भी टूटे थे।

केस 02, 20 अगस्त : देवरिया के रामलीला गाछी के मेले में पशु बलि रोकने पहुंची पुलिस पर लोगों ने हमला कर दिया था। रोड़ेबाजी भी की। इसमें देवरिया थानेदार समेत पांच पुलिसकर्मी जख्मी हो गए थे। पुलिस काे हवाई फायरिंग करनी पड़ी थी।

केस 03, 20 अगस्त : सकरा के चकदह-पचदही में एक परिवार को बंधक बनाए जाने की सूचना पर पहुंची पुलिस पर चोर-चोर का शोर मचा हमला कर दिया गया था। टीम को घेर कर लाठी-डंडे की पिटाई की गई थी। कई पुलिस कर्मी जख्मी भी हुए थे।

जख्म रिपोर्ट नहीं दे पाई पुलिस, आरोपियों काे बेल
तुर्की ओपी के तारसन गांव में 29 मार्च काे दाे पक्षाें में मारपीट के बाद पहुंची पुलिस पर हमला किया गया था। इसमें हवलदार दिनेश प्रसाद व सैप जवान मणिकांत मिश्र गंभीर रूप से जख्मी हाे गए थे। पुलिस ने 18 आरोपियों काे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। लेकिन, पुलिस घायलाें का जख्म प्रतिवेदन नहीं दे पाई। इसके कारण आरोपियों काे जमानत मिल गई।

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