पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

15 दिनों में होगी नियुक्ति:सफाई व जल निकासी काे निगम आउटसोर्स पर रखेगा 500 मजदूर

मुजफ्फरपुर7 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
बैठक में भाग लेते मेयर, नगर आयुक्त और सदस्यगण। - Dainik Bhaskar
बैठक में भाग लेते मेयर, नगर आयुक्त और सदस्यगण।
  • सशक्त स्थाई समिति ने बैठक कर लिया निर्णय
  • हर वार्ड को मिलेंगे 10 सफाईकर्मी, खरीदे जा रहे 14 हेवी पंप

नगर निगम की सशक्त स्थाई समिति ने शनिवार काे बरसात में कूड़ा उठाव और नालों से नियमित कचरा निकालने काे 15 से 20 दिनाें में नगर निगम आउटसोर्सिंग के जरिए 500 दिहाड़ी मजदूर रखने का निर्णय लिया। हर वार्ड काे 10 सफाई कर्मी मिलेंगे। 30 मजदूरों का दाे स्पेशल गैंग जलजमाव हाेने पर निगम प्रशासन के निर्देश पर काम करेगा।

निचले इलाके से जल निकासी के लिए 80 और 35 हाॅर्स पावर क्षमता वाले 14 पंपसेट खरीद किए जाएंगे। स्थाई समिति की बैठक में हर गली में पक्की सड़क व नली योजना के तहत प्रत्येक वार्ड में 55 लाख रुपए की योजना की स्वीकृति दी गई। सभी वार्ड पार्षद अपने लेटर पैड पर मेयर कार्यालय में येाजनाएं की सूची साैंपेंगे। फिर सूची विकास शाखा भेजी जाएगी। निगम कर्मचारियों काे रिस्क और आर्डशिप भत्ता के रूप में 4500 रुपए अलग से मिलेंगे। बैरिया गोलंबर के पास आश्रय स्थल बनेगा।

बुडकाे के जरिए शहर में नाला व अन्य निर्माण कार्य के लिए त्रिस्तरीय करार हाेना है। इसके लिए स्थाई समिति ने मेयर काे अधिकृत किया। इस कार्य में राज्य सरकार से 80 प्रतिशत राशि मिलती है। 20 प्रतिशत निगम देता है। तीन घंटे चली बैठक में 14 प्रस्तावों काे मंजूरी मिली। मेयर की मांग के अनुसार निगम आयुक्त ने शहर में पारित नक्शे और पास करने वाले अधिकारियों की जानकारी दी। रिपोर्ट देखने के बाद मेयर इस पर आगे की कार्रवाई करेंगे।

मेयर व नगर आयुक्त तय करेंगे सीमेंट कंपनी काे बेची जानेवाली प्लास्टिक कचरे की दर

निगम क्षेत्र के कचरे से निकलने वाली पॉलीथीन और प्लास्टिक की बिक्री सीमेंट कंपनी काे होगी। स्थाई समिति से मंजूरी के अनुसार इसकी दर कंपनी के अधिकारियों के साथ मेयर व नगर आयुक्त तय करेंगे। नगर आयुक्त के अनुसार सीमेंट कंपनी के लिए नगर निगम से यह कचरा खरीदना कानूनी बाध्यता बनाई गई है। अब तक मुफ्त दिए जा रहे कचरे के बदले अब निगम काे राजस्व मिलेगा।

मेयर ने पावर विवाद पर जिद छाेड़ी, डस्टबिन घोटाला ठंडे बस्ते में

नगर निगम के कर्मचारियों के तबादले और उस पर नियंत्रण के अधिकार काे लेकर मेयर व नगर आयुक्त के बीच का गतिरोध स्थाई समिति की बैठक में दबा रहा। वैसे इसे लेकर मेयर ने स्थाई समिति की बैठक में प्रस्ताव लाया था। मेयर ने जिद छाेड़ दी। इस प्रस्ताव पर काेई चर्चा नहीं हुई। इसके बाद डस्टबिन घोटाला मामले में कार्रवाई के लिए लाया नगर आयुक्त का प्रस्ताव भी ठंडे बस्ते में चला गया। महालेखाकार की रिपोर्ट और आपत्ति निराकरण के लिए मेयर और नगर आयुक्त काे आपसी सामंजस्य से निर्णय लेने का प्रस्ताव पारित हुआ।

खबरें और भी हैं...