मेयर चुनाव:अपदस्थ मेयर ने नगर आयुक्त को फिर लिखा पत्र, अविश्वास की बैठक को ठहराया अवैध

मुजफ्फरपुर3 महीने पहले
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  • राज्य निर्वाचन आयोग को मंगलवार तक कानूनी सलाह मिलने की उम्मीद, ऐसी स्थिति में बुधवार तक चुनाव तिथि की घोषणा संभव; नगर आयुक्त पूर्व में मेयर की दलील कर चुके हैं खारिज

एक तरफ जहां मेयर चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग से लेकर मुजफ्फरपुर नगर निगम में रायशुमारी जारी है। मेयर उम्मीदवार राकेश कुमार पिंटू व नंद कुमार प्रसाद साह चुनाव की तिथि जारी होने का इंतजार कर रहे हैं। राकेश कुमार पिंटू तो समर्थक पार्षदों के साथ पटना में कैंप कर रहे हैं। वहीं, मेयर पद से हटाए गए सुरेश कुमार लगातार अपने अधिवक्ता के संपर्क में हैं।

शनिवार को फिर उन्होंने नगर आयुक्त को पत्र लिख कर कहा है कि अविश्वास प्रस्ताव में डिप्टी मेयर मान मर्दन शुक्ला की कुर्सी गिर गई। फिर भी आप उनको डिप्टी मेयर मानकर प्रजातांत्रिक मूल्यों की अवहेलना कर रहे हैं। उच्च न्यायालय के फैसले की गलत व्याख्या कर उसकी अवमानना कर रहे हैं। सुरेश कुमार का दावा है कि मेयर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के एक दिन पहले डिप्टी मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया।

11 पार्षदों ने वोटिंग की थी। जिसमें डिप्टी मेयर के खिलाफ आठ वोटिंग हुई। ऐसी स्थिति में डिप्टी मेयर अपदस्थ हो गए। ऐसी स्थिति में अगले दिन मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर जो बैठक हुई, वह अवैध है। इसके पहले भी पूर्व मेयर ने नगर आयुक्त को इसी तरह की चिट्ठी लिखी थी, जिसे नगर आयुक्त विवेक रंजन मैत्रेय ने खारिज कर दी था। उन्होंने पूर्व मेयर को पत्र लिखकर उनकी दलील को खारिज करते हुए नगर निगम एक्ट की जानकारी दी है।

आयोग की आपत्ति के बाद पांच पार्षदों ने वोटिंग में शामिल होने की दी है जानकारी
मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक की सूचना 5 पार्षदों को 72 घंटा पहले नहीं मिलने के मामले में राज्य निर्वाचन आयोग ने कानूनी सलाह मांगी है। मंगलवार तक राज्य निर्वाचन आयोग को कानूनी सलाह मिलने की उम्मीद है। ऐसी स्थिति में बुधवार तक मेयर चुनाव को लेकर तिथि का निर्धारण हो जाएगा।

दूसरी ओर, नगर आयुक्त ने राज्य निर्वाचन आयोग को अविश्वास प्रस्ताव को लेकर वार्ड पार्षदों को सूचना भेजने के संबंध में अपनी रिपोर्ट भेज दी है। साथ ही पांचों पार्षदों ने भी राज्य निर्वाचन आयोग को लिखित में जानकारी दी है कि उन लोगों ने अविश्वास प्रस्ताव की बहस व वोटिंग में हिस्सा लिया था। बता दें कि नगर निगम में मेयर चुनाव का मामला राज्य निर्वाचन आयोग में फंसा हुआ है। अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के लिए 5 पार्षदों को समय से सूचना नहीं मिलने पर आयोग आपत्ति जता चुका है।

इधर, वार्ड पार्षद राकेश सिन्हा पप्पू का कहना है कि सुरेश कुमार मेयर पद से अपदस्थ हो गए हैं। इसके बावजूद मेयर के लेटर का दुरुपयोग कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में नगर आयुक्त अविलंब उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराएं।

डिप्टी मेयर ने कहा-सदन का सम्मान करें पूर्व मेयर
डिप्टी मेयर मान मर्दन शुक्ला का कहना है कि बहुमत से वार्ड पार्षदों ने मेयर पद से सुरेश कुमार को अपदस्थ कर दिया। उन्हें सदन का सम्मान करना चाहिए। कुर्सी का मोह छोड़ देना चाहिए। बेवजह मुजफ्फरपुर-पटना दौड़ने की जगह फिर से उन्हें वार्ड पार्षदों को भरोसा में लेना चाहिए।

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