अस्पताल में गूंजी किलकारी:काेराेना की दहशत के बीच सदर अस्पताल में फैली खुशी, दाे संक्रमित मां ने दाे नवजात काे दिया जन्म; सभी पूरी तरह स्वस्थ

मुजफ्फरपुर6 महीने पहले
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नवजात के साथ अस्पताल की जीएनएम और बच्चे की मां। - Dainik Bhaskar
नवजात के साथ अस्पताल की जीएनएम और बच्चे की मां।
  • प्रसव के बाद काेराेना प्राेटाेकाॅल के तहत बच्चों काे दूध भी पिलाया गया
  • इस दाैरान मां मास्क, गलव्स व पीपीई किट पहनकर बच्चे को गोद में लेती है

सदर अस्पताल में बुधवार को जब काेराेना संक्रमित दाे मां ने 2 नवजात काे जन्म दिया ताे उनकी किलकारी से अस्पताल के कर्मी, परिजन व मां की खुशी का ठिकाना न रहा। काेराेना की दहशत के बीच इस खुशी से सबके चेहरे खिल उठे। क्योंकि, दाेनाें मां के संक्रमित हाेने के कारण सभी डरे हुए थे। दोनों का अस्पताल की जीएनएम तनुजा कुमारी, रुक्मिणी कुमारी व अन्य जीएनएम ने सुरक्षित प्रसव कराया। नवजात को मां का दूध पिलाने के बाद कोरोना प्रोटोकॉल के अनुसार रखा गया है। जीएनएम तनुजा ने बताया कि एक मां कांटी के कलवारी की 21 वर्षीय रंंजू देवी हैं, जिन्हें प्रसव पीड़ा हाेने पर पहले कांटी पीएचसी ले जाया गया। वहां जांच में पॉजिटिव आने पर सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां सभी प्रकार की तैयारियाें के बीच पीपीई किट पहनकर प्रसव कराया गया।

दूसरी प्रसूता मालीघाट की हैं। उनका भी सुरक्षित प्रसव करा लिया गया। दोनों जच्चा-बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हैं। तनुजा ने बताया कि इस समय डिलिवरी के पूर्व मां का और बच्चे के जन्म के बाद नवजात की उसी समय एंटीजन और आरटीपीसीआर जांच कराई जाती है। बच्चा के पॉजिटिव निकलने पर इलाज शुरू कर दिया जाता है। यदि मां संक्रमित होती है और बच्चा निगेटिव तो बच्चे को मां से अलग रखा जाता है। चूंकि मां के दूध से अब तक बच्चे में संक्रमण का काेई केस नहीं मिला है, इसलिए आईसीएमआर की गाइडलाइन के अनुसार नवजात को दूध पिलाने दिया जाता है। इस दाैरान मां मास्क, गलव्स व पीपीई किट पहनकर बच्चे को गोद में लेती है। दाेनाें प्रसूताओं काे होम आइसोलेशन में भेज दिया गया है।

प्रसव के लिए पहुंची एक और काेराेना संक्रमित

बुधवार काे ही सदर अस्पताल में काेराेना संक्रमित एक और महिला माला देवी प्रसव के लिए पहुंचीं। उन्हें केएमसीएच बिल्डिंग के प्रसूता वार्ड में अन्य प्रसूताओं से अलग रखा गया है।

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