भिक्षुओं की जांच में फर्जीवाड़ा:मेडिकल टीम को मिले पुजारी; गृहिणी, शिक्षिका के साथ थीं आंगनबाड़ी सहायिकाएं भी

मुजफ्फरपुर5 महीने पहलेलेखक: धनंजय मिश्र
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जांच में फर्जीवाड़ा । - Dainik Bhaskar
जांच में फर्जीवाड़ा ।

मुशहरी के बुनियादी केंद्र में भिक्षुकों की स्वास्थ्य जांच काे पहुंची मेडिकल टीम के समक्ष सामाजिक सुरक्षा कोषांग और बुनियादी केंद्र के कर्मियों ने सामान्य लोगों को बैठा दिया। इनमें करीब 15 लोगों की जांच के बाद मेडिकल टीम काे शक हुआ। लाेगाें का पहनावा भिक्षुकों जैसा नहीं था। इसके बाद पूछताछ में महिलाओं ने हकीकत बता दी।

पता चला- कोई शिक्षिका, कोई गृहिणी और कोई आंगनवाड़ी सहायिका है। काेई पुजारी और कोई अच्छे परिवार का सदस्य निकला। महिलाओं ने बताया कि दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनवा पेंशन दिलाने और मुफ्त मेडिकल जांच का लालच देकर बुनियादी केंद्र कर्मियों ने बुलाया था। इसके बाद मेडिकल टीम बीच में ही कैंप छोड़ कर लौट गई।

मुशहरी पीएससी प्रभारी को भी इसकी जानकारी दी। बाद में सिविल सर्जन भी केंद्र पर पहुंचे। उन्हें पूरा मामला बताया गया। सिविल सर्जन ने टीम से रिपोर्ट मांगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना के तहत भिक्षुकों की हेल्थ जांच काे मेडिकल टीम पहुंची। वहां फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।

समाज कल्याण विभाग के फंड का है खेल

दरअसल, समाज कल्याण विभाग के मुख्यालय से सामाजिक सुरक्षा कोषांग मुजफ्फरपुर काे भिक्षुकों के हेल्थ चेकअप के लिए कहा गया। इन भिक्षुओं में दिव्यांग काे सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए दिव्यांगता जांच भी हाेनी थी। योजना के तहत दिव्यांगता सर्टिफिकेट के बाद यूडीआईडी देकर सामाजिक सुरक्षा पेंशन देनी है।

इसी के लिए जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक ने सिविल सर्जन से 4 जनवरी की सुबह 11 से शाम 4 बजे तक मेडिकल कैंप के लिए टीम भेजने का अनुरोध किया था। इस पर सीएस ने डॉ. संजीव कुमार पांडेय, डॉ. पीएन वर्मा, डॉ. वैदेही, साइकेट्रिक एक्सपर्ट एकता कुमारी, चक्षु सहायक सुनील कुमार और नरेंद्र कुमार को बुनियादी केंद्र के कैंप में जांच के लिए भेजा। वहां करीब 50 की संख्या में महिला-पुरुष थे। लेकिन, करीब 15 लोगों की जांच के बाद ही डॉ. पीएन वर्मा ने गड़बड़ी पकड़ ली।

मुशहरी बुनियादी केंद्र पर हेल्थ कैंप में मिली गड़बड़ी

^मुशहरी बुनियादी केंद्र में भिक्षुकों की जांच के लिए मंगलवार काे टीम के साथ पहुंचा। वहां महिलाओं की वेशभूषा देख शक हुआ कि भिक्षुक ऐसे नहीं हाे सकते। फिर महिलाओं से पूछताछ की, तो किसी ने कहा वह शिक्षिका है, कोई सहायिका, कोई गृहिणी। कोई पुजारी भी था। इसलिए टीम के सदस्य आपस में विचार के बाद कैंप बीच में छोड़ लाैट आए। - डॉ पीएन वर्मा, वरीय चिकित्सक सदर अस्पताल।

रिपोर्ट मिली है, कार्रवाई के लिए डीएम को लिखेंगे

^सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग के अनुरोध पर मेडिकल टीम गठित की गई थी। टीम बुनियादी केंद्र मुशहरी में लोगों की जांच शुरू हुई। लेकिन, उन्हें गड़बड़ी की आशंका हुई। इसके बाद टीम ने मुशहरी प्रभारी और मुझे रिपोर्ट दी। वरीय अधिकारियों और डीएम को इसकी सूचना दी जाएगी। - डॉ विनय कुमार शर्मा, सिविल सर्जन।

जिम्मेदार बोले- टीम क्यों लौटी उन्हें पता नहीं

भिक्षुकों और निर्धन लोगों के हेल्थ चेकअप के लिए मुख्यालय के निर्देश पर मुशहरी के बुनियादी केंद्र में 4 जनवरी को कैंप लगा था। इसमें मेडिकल टीम ने अधिकतर लोगों की जांच की। बीच में ही जांच छाेड़ टीम क्यों चली गई, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। कैंप में शामिल लोग निर्धन और भिक्षुक थे। -ब्रज भूषण कुमार, सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग।