लीची आधारित उद्योग भी खतरे में / पहली बार मई महीने के अंत तक पूरी तरह तैयार नहीं हुई शाही लीची, इसलिए खरीदार भी नहीं मिल रहे

The royal litchi was not fully prepared by the end of May for the first time, so buyers are not getting
X
The royal litchi was not fully prepared by the end of May for the first time, so buyers are not getting

दैनिक भास्कर

May 30, 2020, 05:00 AM IST

मुजफ्फरपुर. देश-विदेश में विख्यात शाही लीची की बादशाहत पर इस वर्ष ग्रहण लग गया है। अब तक 18 से 20 मई तक 22 ग्राम तक के आकार, चटक लाल रंग व 20 डिग्री विक्स से अधिक मिठास में तैयार हाेने वाली शाही लीची इस वर्ष 29 मई तक तैयार नहीं हाे सकी। पूर्व में भी कई बार शाही लीची की फसल खराब हाेने के बाद भी बाजार में इसकी मांग कम नहीं थी, लेकिन इस वर्ष बेहतर मंजर व फल के बाद भी लाॅकडाउन के कारण बाहर के व्यापारी बाग खरीदने नहीं आए। फल तैयार हाेने के निर्धारित समय से दस दिन बाद भी अब तक लीची का आकार छाेटा है।

इससे शाही लीची काे बाहर भेजने पर भी अच्छी कीमत नहीं मिल रही। खासकर दिल्ली के व्यापारी आजादपुर मंडी से इसे जयपुर समेत अन्य शहराें में भेज रहे हैं। हालांकि, वहां भी यह औने-पाैने दामों में ही बिक रही है। लीची उत्पादक संघ के अध्यक्ष बच्चा प्रसाद सिंह ने बताया, दिल्ली के साथ ही जयपुर समेत महानगरों के बाजार में भी 700 से एक हजार रुपए पेटी लीची बिक रही है। इसे भेजने में ही 250 से 300 रुपए पेटी खर्च आ रहा है। 

एक तक पूरी तरह मीठी होने की संभावना

जिले में लीची पर आधारित एक दर्जन प्रोसेसिंग यूनिट समेत अन्य उद्योग चलते हैं, लेकिन इस वर्ष प्रोसेसिंग यूनिट के शुरू हाेने का निर्धारित समय 20 मई से दस दिन बाद भी केवल यूनिक फूड्स पताही ही चालू हाे सका है। प्रोपराइटर आरके केडिया ने बताया, अब तक शाही लीची तैयार नहीं हुई है अाैर एक जून तक इसके मीठा हाेने की संभावना है। किसी तरह फैक्ट्री शुरू की गई है। लीची का पल्प निकाला जा रहा है। अब तक एक भी फ्रेश लीची बाहर नहीं भेजी गई।   
जिले में एक लाख टन लीची उत्पादन का अनुमान  
जिले के दस हजार हेक्टेयर में इस वर्ष एक लाख टन तक लीची उत्पादन हाेने का अनुमान है। किसान भोलानाथ झा ने बताया, शाही लीची के बेहतर फल नहीं हाेने से बड़ी क्षति हुई है। अब चायना लीची से उम्मीद है। देश में कुल 3 लाख टन लीची का उत्पादन हाेता है। एक तिहाई हिस्सा करीब एक लाख टन लीची केवल मुजफ्फरपुर में उत्पादित हाेती है।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना