कवायद शुरू / औराई से अब तक 2000 से अधिक श्रमिक कर चुके दूसरे राज्याें का रुख, 4500 के बदले 1300 को मिलना था काम

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दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 07:38 AM IST

औराई. प्रवासियों के आने के बाद रोजगार उपलब्ध कराने के लिए याेजनाएं बनीं, जिसमें मनरेगा से हाे रहा कार्य प्रमुख है, फिर भी प्रवासियाें का पलायन रुका नहीं। अाैराई से लगभग 2000 से अधिक प्रवासी मजदूर काम धंधे के लिए बस द्वारा दूसरे राज्याें का रुख कर चुके हैं। यहां पर कुल 95571 मानव दिवस कार्य सृजन हुए और 1300 प्रवासी मजदूराें को रोजगार देने का लक्ष्य था, जबकि प्रखंड में कुल 4500 प्रवासी मजदूर अाए हैं।

मनरेगा के प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी शशिभूषण पांडेय का दावा है कि मनरेगा के तहत 13 सरकारी पोखर की उड़ाही हुई जबकि 67 निजी पोखर का निर्माण किया गया। 15 सड़कें बनीं तो 17 नाले की उड़ाही की गई है। इधर, मनरेगा से चल रहे कार्याें के बीच में ही बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरों का पलायन हुआ है। पोखर की उड़ाही में भी कई जगहों पर जेसीबी द्वारा काम कराया गया तो मनरेगा में गरीब कल्याण योजना के तहत बनाए जाने वाले पशु शेड गैर पशुपालकों को मुहैया कराए गए। 

बेनीपुर की वार्ड सदस्य नीलू देवी ने बताया कि मनरेगा से कोई कार्य नहीं हुआ। जनसंघर्ष मोर्चा के अखिलेश यादव ने बताया कि अधिकतर कार्य जमीन पर उतरे ही नहीं तो कई कार्यों में मशीन से कार्य लिया गया, इसलिए बड़ी संख्या में मजदूरों का पलायन हुआ है। 

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