मरीजों काे चिह्नित करने के लिए घर-घर आशा करेगी तलाश:सरकारी अस्पतालों में हाइड्रोसील का एक भी ऑपरेशन नहीं, अब चलेगा खोजी अभियान

मुजफ्फरपुर2 महीने पहले
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फाइलेरिया और हाइड्रोसील के मरीजों की फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
फाइलेरिया और हाइड्रोसील के मरीजों की फाइल फोटो।

जिले में फाइलेरिया और हाइड्रोसील के मरीज बड़ी संख्या में हैं। लेकिन, दाे साल में सदर अस्पताल समेत किसी भी सरकारी अस्पताल में एक भी मरीज के हाइड्रोसील का ऑपरेशन नहीं हुआ। इस पर स्वास्थ्य मुख्यालय ने नाराजगी जताई है। राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने इस बाबत सिविल सर्जन काे पत्र लिखा है। कहा है- फाइलेरिया के बढ़ते मरीजों की रोकथाम के लिए कई सुविधाएं उपलब्ध हैं।

फिर भी मुजफ्फरपुर में एक भी ऑपरेशन नहीं हाेना चिंता की बात है। कार्यपालक निदेशक ने सिविल सर्जन काे हाइड्रोसील से पीडित मरीजों काे चिह्नित कर उनका ऑपरेशन व इलाज शुरू करने का निर्देश दिया है। सिविल सर्जन डाॅ यूसी शर्मा ने मुराैल, बंदरा, सकरा, कांटी और मड़वन पीएचसी प्रभारी काे पत्र लिख कर हाइड्रोसील के लक्षण वाले मरीजों की पहचान का निर्देश दिया है।

लेकिन, जीविका कर्मी तकनीकी रूप से इस कार्य में सहज नहीं है। ऐसे में जिला स्तर पर मरीजों की पहचान कर लाइन लिस्टिंग की जाएगी। सीएस ने अपने स्तर से आशा काे इसका निर्देश दिया है। इसके बाद मुराैल व कांटी में पंचायतवार ऑपरेशन के लिए कैंप लगेगा। 16 से 26 अगस्त तक आशा अपने क्षेत्र के हाइड्रोसील मरीजों काे चिह्नित करेगी। इसके लिए आशा और फेसिलिटेटर का एक दिन की ट्रेनिंग दी जाएगी।

कांटी की 20 पंचायतों में लगेगा परिवार नियोजन कैंप

परिवार नियोजन में काफी कम उपलब्धि के बाद मंगलवार काे कांटी की 20 पंचायतों में कैंप लगेगा। इसमें अधिक से अधिक लाेगाें काे शामिल कराने के लिए मुखिया काे प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने पत्र लिखा है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुमित संस्कार ने बताया कि इस तरह के कैंप से लोगों में पुरुष नसबंदी को लेकर जो भ्रांति है, उसे दूर किया जा सकेगा। इसके लिए 19 सितंबर तक की सूची सार्वजनिक करते हुए उसका रोस्टर तैयार किया गया है। सीएचसी के दायरे में सभी पंचायतों में पहली बार कैंप होगा।

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