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शहर लॉक:हमारी सेहत के लिए अभी जरूरी है यह वीरानगी, लॉकडाउन को लेकर इन दिनों वाहनों की आवाजाही नहीं हो रही

मुजफ्फरपुरएक महीने पहले
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  • यहां अभी यह बैरियर इसलिए लगाया गया है कि यह शहर का प्रमुख एंट्री प्वाइंट भी है

यह वही जीरोमाइल चौराहा है जहां से हर दिन औसतन 40 हजार गाड़ियां गुजरती हैं। कभी भी जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। यह चौराहा उत्तर बिहार की लाइफलाइन माना जाता है। यहां से होकर ही पूर्णिया, फारबिसगंज, अररिया, मधुबनी, दरभंगा, सीतामढ़ी, पूर्वी-पश्चिमी चंपारण समेत नेपाल, सिलीगुड़ी आदि जगहों से बस-ट्रक व अन्य वाहन पटना आते-जाते हैं। यहां अभी यह बैरियर इसलिए लगाया गया है कि यह शहर का प्रमुख एंट्री प्वाइंट भी है।

लेकिन, लॉकडाउन को लेकर इन दिनों वाहनों की आवाजाही नहीं हो रही है। इसके साथ ही बाजार बंद होने के कारण भी दूसरी जगहों से लोगों का आना-जाना भी बंद है। सिर्फ कोरोना वारियर्स, मेडिकल इमरजेंसी और अनिवार्य सेवाओं से जुड़े लोग ही घर से निकल रहे हैं। इस कारण आम दिनों में लोगों व वाहनों के सैलाब को झेलनेवाले इस चौराहे पर गुरुवार को यह वीरानगी दिखी। चारों तरफ सन्नाटा पसरा था। वस्तुत: यही वीरानगी अभी हमारी सेहत के लिए जरूरी है। कोरोनो संक्रमण से बचाव के लिए यह सन्नाटा हमारे हित में है।

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