लाेक आस्था का महापर्व छठ:इस बार छठ पर्व पर दउरा, सूप में सजेगा बंगाल और आंध्र प्रदेश के केले का घाैद

मुजफ्फरपुर22 दिन पहले
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असम से आए केले की खेप उतारते मजदूर। - Dainik Bhaskar
असम से आए केले की खेप उतारते मजदूर।

दिवाली बीतने के साथ ही लाेग लाेक आस्था का महापर्व छठ की तैयारी में जुट गए हैं। इसके साथ ही ताजे फलाें की खेप भी आनी शुरू हाे गई है। छठ में केला और नारियल की विशेष महत्ता हाेती है। काफी मात्रा डिमांड हाेने के कारण फल काराेबारियाें काे इसे अन्य राज्याें से मंगाना पड़ता है। काराेबारियाें की मानें ताे इस बार छठ पर व्रतियाें का सूप-दउरा बंगाल और आंध्र प्रदेश के केले सजने वाले हैं।

बाजार समिति में इसकी बड़ी खेप 7 नवंबर तक आ जाएगी। सिर्फ बाजार समिति में ही बाहर से 40 से 50 ट्रक केले की आवक हाेगी। एक ट्रक में केले के 1100 घाैद आते हैं। व्यवसायी संघ के अध्यक्ष नंदू कुमार ने कहा कि बारिश और खेताें में जलजमाव की वजह से इस साल भी हाजीपुर के केले की खेती पर असर पड़ा है। हाजीपुर सहित अन्य जगहाें से भी केले मंगाए जाएंगे।

लेकिन, मुख्य रूप से बंगाल, आंध्र प्रदेश और असम के केले से ही छठ मनेगी। खुदरा बाजार में केले का रेट 40 से 60 रुपए दर्जन है। काराेबारी विकास कुमार ने कहा कि केले का भाव अभी ज्यादा है। एक-दाे दिनाें में खेप आने पर बाजार का असल रूख पता चलेगा। 600 रुपए घाैद तक जा सकता है।

कश्मीर की घटनाओं के कारण सेव का भाव चढ़ा
इधर, जम्मू व कश्मीर में हाल के दिनाें में हुई हिंसक घटनाओंं के कारण सेव का रेट भी पहले से ज्यादा चढ़ा हुआ है। बाजार में 100 से 120-140 रुपए किलो तक सेव बिक रहे हैं। वहीं, नारंगी 50 से 60 रुपए किलाे औॅर असम का नारियल 70 से 80 रुपए जाेड़ा है।

इधर, प्रधान डाकघर में आई बोतल में बंद हरिद्वार के गंगाजल की खेप
छठ पर्व पर व्रतियाें काे अपने घर-आंगन के घाट में ही गंगाजल डालने का माैका मिलेगा। प्रधान डाकघर में पर्व काे लेकर बाेतल में बंद हरिद्वार के गंगाजल मंगाए गए हैं। कम स्टाॅक हाेने के कारण पिछले दिनाें यह खत्म हाे गया था। प्रधान डाकघर के सीनियर पाेस्ट मास्टर एनके साहू ने कहा कि फिलहाल डाकघर में गंगाजल उपलब्ध हाे गया है। 200 मिलीलीटर की बाेतल आई है। गंगाजल की कमी न हाे, इसके लिए तत्काल फिर से ऑर्डर दे दिए गए हैं। पर्याप्त स्टाॅक हाेने पर प्रमुख घाटों पर स्टाॅल लगाने पर भी विचार हाेगा।

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